छतरपुर में मौसमी बीमारियां बढ़ीं, अस्पताल पहुंच रहे रोज 200 से 250 मरीज

पलामू के छतरपुर में सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश के मरीज बढ़े हैं। अनुमंडलीय अस्पताल ने बिना चिकित्सकीय सलाह दवा लेने से बचने को कहा है।

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छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में मौसमी बीमारी के मरीजों की बढ़ती संख्या

पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड में मौसम बदलने के साथ सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश जैसी शिकायतें बढ़ गई हैं। अनुमंडलीय अस्पताल के साथ निजी क्लीनिकों में भी इन लक्षणों वाले लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 20 दिनों से प्रतिदिन 200 से 250 मरीज ऐसी शिकायतों के साथ अनुमंडलीय अस्पताल आ रहे हैं।

अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इस अवधि में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण, वायरल बुखार और गले से जुड़ी परेशानियां सामने आ रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

अस्पताल ने बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेने से बचने को कहा है। तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी अथवा कई दिनों तक लक्षण बने रहने की स्थिति में स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी गई है।

बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, ताजा एवं पौष्टिक भोजन लेने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पीने के पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है। घर से बाहर निकलते समय मास्क या गमछे का उपयोग करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।

चिकित्सक ने बाहर से लौटने के बाद हाथ-पैर धोने तथा खांसते या छींकते समय मुंह ढकने की आदत अपनाने पर जोर दिया है। बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुरूप कपड़े पहनाने तथा उनके स्वास्थ्य में आने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।

लोगों से मौसम के अनुसार खान-पान और दैनिक दिनचर्या में सावधानी रखने की अपील की गई है। सड़क किनारे बिकने वाले असुरक्षित खाद्य पदार्थों से भी बचने को कहा गया है, ताकि मौसमी संक्रमण और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम किया जा सके।