जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर, परिजन बच्ची को उठाकर इमरजेंसी पहुंचे

डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 13 वर्षीय बीमार बच्ची के परिजनों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं मिला। अस्पताल अधीक्षक ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है।

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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में बच्ची को इमरजेंसी वार्ड ले जातीं महिलाएं

जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को एक गंभीर रूप से बीमार बच्ची को इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाने के लिए उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने के कारण दो महिलाओं ने बच्ची को उठाकर वार्ड तक पहुंचाया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 13 वर्षीय भारती कुमारी भुइयांडीह के बाबूडीह बस्ती की रहने वाली है। परिजन उसे सोमवार दोपहर करीब एक बजे ऑटो से अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्ची की हालत गंभीर बताई गई और वह स्वयं चलने में असमर्थ थी।

परिजनों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने मरीज को भीतर ले जाने के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तलाशा। करीब दस मिनट तक प्रयास करने के बावजूद कोई साधन नहीं मिला। उनका आरोप है कि सहायता मांगने पर भी अस्पताल के कर्मचारियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

बच्ची का इलाज जल्द शुरू कराने के लिए साथ आईं दो महिलाओं ने उसे उठाया और इमरजेंसी वार्ड तक ले गईं। इस स्थिति पर परिवार ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल में मरीजों के लिए मौजूद बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने कहा कि उन्हें इस घटना के संबंध में किसी ने जानकारी नहीं दी थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मामला सही पाए जाने पर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने इमरजेंसी तक मरीजों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने की व्यवस्था की उपलब्धता का मुद्दा सामने रखा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में बच्ची के उपचार और स्वास्थ्य की आगे की स्थिति का विवरण नहीं दिया गया है। अस्पताल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उस समय स्ट्रेचर या व्हीलचेयर क्यों नहीं मिल सका और जिम्मेदारी किसकी थी।