जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कार्रवाई, 17 छात्र हॉस्टल से निष्कासित

एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद 17 छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। 2024 बैच के 14 छात्रों को 15 दिनों तक कक्षा में शामिल होने से भी रोका गया है।

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जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में 17 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इन छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करने के साथ प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संस्थान की एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

कार्रवाई के दायरे में आए छात्रों में 2024 बैच के 14 विद्यार्थी भी शामिल हैं। इन 14 छात्रों को 15 दिनों तक कक्षाओं में उपस्थित होने से प्रतिबंधित किया गया है। हॉस्टल निष्कासन और आर्थिक दंड के अतिरिक्त यह रोक शैक्षणिक अनुशासन से जुड़ी अलग कार्रवाई के रूप में लगाई गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले की जांच कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी ने की थी। कमेटी ने अपनी पड़ताल में शिकायत से जुड़े आरोपों को सही पाया। इसके आधार पर संबंधित विद्यार्थियों के विरुद्ध दंड तय किया गया और आगे की अनुशासनात्मक प्रक्रिया भी जारी रखी गई है।

मामले के बाद मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसका उद्देश्य परिसर और छात्रावास में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। हालांकि सुरक्षा के तहत लागू किए गए具体 उपायों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

इस कार्रवाई में अलग-अलग दंडों की अवधि और दायरा स्पष्ट रखा गया है। सभी 17 छात्रों पर जुर्माना और हॉस्टल निष्कासन लागू है, जबकि 15 दिनों की कक्षा संबंधी पाबंदी 2024 बैच के 14 छात्रों के लिए बताई गई है। आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में अंतिम निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।