साहिबगंज में विद्यालयों के शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने निर्देश दिया कि बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों का संबंधित दिन का वेतन या मानदेय नियमानुसार स्थगित रखा जाए।
बैठक में अगस्त और सितंबर 2026 की शिक्षक उपस्थिति की राज्यस्तरीय आंकड़ों से तुलना की गई। जिले की स्थिति में कमी मिलने पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को शिक्षकों की नियमित तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा। ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर हाजिरी सही ढंग से और समय पर दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया।
विद्यालयों के निरीक्षण और अनुश्रवण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। निर्धारित मानक के अनुसार निरीक्षण नहीं करने और उसका प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को हर महीने तय विद्यालयों का निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया। अगली समीक्षा से पहले यह काम पूरा नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को प्रत्येक शनिवार औचक विद्यालय निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। प्रखंड स्तर के अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन अपने क्षेत्र के निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण और अनुश्रवण करने का निर्देश मिला है।
छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को अलग से चिह्नित करने को कहा गया। ऐसे विद्यालयों में प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर नियमित निगरानी की जाएगी। मध्याह्न भोजन योजना के आंकड़ों और ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज छात्र उपस्थिति की भी विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विद्यार्थियों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान के लिए अपार आईडी बनाने की स्थिति भी देखी गई। अधिकारियों ने बताया कि चार अक्टूबर तक जिले के करीब तीन लाख विद्यार्थियों में से 1,78,208 की अपार आईडी बनाई जा चुकी है। उपायुक्त ने आधार सत्यापित सभी विद्यार्थियों की आईडी तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। समीक्षा में नामांकन, पाठ्यपुस्तक वितरण और विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों की शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल रहे।