जमशेदपुर में AQI 120 दर्ज, पीएम-10 का स्तर कई बार तय मानक से ऊपर

जमशेदपुर में 8 सितंबर की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 120 दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों में पीएम-10 का स्तर कई मौकों पर निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया है।

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जमशेदपुर शहर में वायु प्रदूषण और यातायात का सांकेतिक दृश्य

जमशेदपुर में वायु प्रदूषण के हालिया आंकड़ों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 8 सितंबर की सुबह 8:01 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 120 दर्ज किया गया था। इससे एक दिन पहले 7 सितंबर की शाम 6:01 बजे यह आंकड़ा 140 तक पहुंचा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक 101 से 200 के बीच AQI रहने पर फेफड़े और हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

रात के समय दर्ज प्रदूषण संबंधी आंकड़ों में पीएम-10 की मात्रा 86 से 175.33 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच रही। कुल सस्पेंडेड पार्टिकल्स का स्तर 176 से 358 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक बताया गया है। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अनुसार, पीएम-10 के लिए 24 घंटे का निर्धारित मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। इस आधार पर कई मौकों पर इसका स्तर तय सीमा से ऊपर रहा।

आंकड़ों में सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा करीब 30.70 से 46.05 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और नाइट्रोजन ऑक्साइड 36.34 से 55.14 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच दर्ज की गई। नाइट्रोजन ऑक्साइड की निर्धारित सीमा 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बताई गई है, इसलिए इसकी मात्रा सीमा के भीतर रही। औद्योगिक क्षेत्र के केंद्र संख्या 382 में पीएम-10 का स्तर 94.25 से 161.37 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पाया गया।

शहर में प्रदूषण घटाने के लिए चल रहे क्लीन एयर कार्यक्रम के तहत करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। जमशेदपुर अक्षेस को आदित्यपुर, मानगो, जुगसलाई और जमशेदपुर के नगर निकायों की संयुक्त व्यवस्था में नोडल एजेंसी बनाया गया है। सड़कों की सफाई के लिए खरीदी गई स्वीपिंग मशीन के अनुपयोगी पड़े होने और दस स्थानों पर प्रस्तावित फव्वारे अब तक नहीं लगने की बात भी सामने आई है।

वाहनों की प्रदूषण जांच और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ पीयूसी केंद्रों पर वाहन की जांच किए बिना प्रमाणपत्र जारी किए जाने की बात कही गई है। बिष्टुपुर और गोलमुरी स्थित प्रदूषण बोर्ड के केंद्र बंद बताए गए हैं। हालांकि इन दावों पर संबंधित केंद्रों या संचालकों का पक्ष उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है।

कोल्हान के प्रदूषण नियंत्रण पदाधिकारी के अनुसार, क्लीन एयर कार्यक्रम के अंतर्गत उपाय किए जा रहे हैं। नागरिक क्षेत्रों में कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निकायों की है, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। शहर की हवा में सुधार के लिए मौजूदा प्रयासों के साथ प्रदूषण के आंकड़ों और जमीनी योजनाओं की नियमित समीक्षा महत्वपूर्ण होगी।