रांची के नेपाल हाउस में बुधवार को जल जीवन मिशन के तहत बेहतर योगदान देने वाली आठ जल सहियाओं को सम्मानित किया गया। इनमें बोकारो जिले की पांच और रांची जिले की तीन जल सहिया शामिल हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान किए।
सम्मान समारोह में जल सहियाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे अपने काम और उससे जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वे गांव और पंचायत स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों के साथ समन्वय कर जलापूर्ति योजनाओं के संचालन तथा रखरखाव को बेहतर बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
जल सहियाओं के कार्यों में स्थानीय जल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच भी शामिल है। इसके साथ वे ग्रामीण परिवारों को जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करती हैं। जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने में भी उनकी भागीदारी रहती है।
विभागीय सचिव ने सम्मानित जल सहियाओं के काम की सराहना करते हुए राज्य की अन्य जल सहियाओं से भी प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल घरों तक नल का पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को नियमित, पर्याप्त और लंबे समय तक सुरक्षित जल सेवा उपलब्ध कराना भी है।
समारोह में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को सुचारू रखने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया गया। विभाग के अनुसार, जल सहिया ग्रामीण परिवारों को यूजर चार्ज की उपयोगिता समझाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं।
जल कर के रूप में जमा राशि का उपयोग पंप ऑपरेटरों और प्लंबरों के मानदेय के भुगतान के अलावा योजनाओं की त्वरित मरम्मत और रखरखाव में किया जाता है। विभाग ने माना कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी से ही ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को लंबे समय तक संचालित रखा जा सकता है और इस व्यवस्था में जल सहियाओं की भूमिका अहम है।