जसीडीह-देवीपुर औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर बैठक, जियाडा से समयबद्ध समाधान की मांग

देवघर में जियाडा की बैठक के दौरान उद्योग संगठनों ने सड़क, बिजली, जलापूर्ति, सुरक्षा और भूखंड पर कब्जा दिलाने से जुड़ी समस्याएं उठाईं।

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देवघर के डाबरग्राम में औद्योगिक समस्याओं पर बैठक करते जियाडा और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि

देवघर के जसीडीह और देवीपुर औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं तथा प्रशासनिक अड़चनों को लेकर डाबरग्राम स्थित स्पियाडा भवन में बैठक हुई। जियाडा की क्षेत्रीय उपनिदेशक दीपमाला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उद्योग संघों और चेंबर के प्रतिनिधियों ने लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की मांग रखी।

प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों की सड़क, बिजली, जलापूर्ति और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत बताई। परिसर की सुरक्षा से जुड़े विषय भी बैठक में उठाए गए। उनका कहना था कि इन सुविधाओं की कमियां दूर होने से मौजूदा इकाइयों का संचालन सुगम हो सकेगा।

बैठक में औद्योगिक भूखंडों पर दखल-कब्जा दिलाने की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। चेंबर ने विशेष रूप से विराज इंजीकन को आवंटित भूमि का मुद्दा रखा और इसके समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच प्रशासनिक समन्वय बढ़ाने का आग्रह किया।

जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पुलिस पिकेट का विषय भी सामने आया। प्रतिनिधियों ने पिकेट के लिए चिह्नित भूमि को पुलिस अधीक्षक को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया, ताकि आगे की व्यवस्था पर काम हो सके।

औद्योगिक परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से हरित पट्टी विकसित करने का सुझाव दिया गया। प्रस्ताव के अनुसार उद्योगों के प्रवेश द्वार और उनके सामने पौधरोपण किया जा सकता है। बैठक में इसे क्षेत्र के वातावरण और स्वरूप को बेहतर बनाने की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में रखा गया।

संताल परगना चेंबर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा ने औद्योगिक विकास, नए निवेश और रोजगार सृजन के लिए जियाडा तथा उद्योग संगठनों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। बैठक में चेंबर के महासचिव निरंजन कुमार सिंह, संयुक्त सचिव पंकज भालोटिया, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कमल नयन सिंह, जियाडा के पदाधिकारी और अन्य सदस्य मौजूद थे।