रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित जेसेवा दीपावली मेला-2026 में पश्चिमी सिंहभूम की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। मेले में पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन का ‘रूट्स ऑफ सारंडा’ स्टॉल लगाया गया है, जहां जिले की कला, शिल्प और स्थानीय खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
यह स्टॉल जिला प्रशासन की ओर से संचालित ‘प्रोजेक्ट बदलाव’ और ‘आकांक्षा हाट’ से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने का माध्यम बना है। राजधानी में आयोजित इस मेले के जरिए समूहों को अपने काम और उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
स्टॉल पर लेदर बैग, स्टोन क्राफ्ट, लकड़ी की मूर्तियां, तसर साड़ियां और फोटो फ्रेम रखे गए हैं। इसके अलावा पेंटिंग, रेजिन आर्ट और टेराकोटा से बने घरेलू सजावटी सामान भी उपलब्ध हैं। हस्तनिर्मित सजावटी दीपक और आकर्षक लाइट्स भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
हस्तशिल्प के साथ स्थानीय अनाज से तैयार खाद्य पदार्थों को भी जगह दी गई है। रागी यानी मड़ुआ से बनाए गए केक, लड्डू, चिप्स और चॉकलेट स्टॉल पर बेचे जा रहे हैं। इस तरह ‘रूट्स ऑफ सारंडा’ में पारंपरिक शिल्प और स्थानीय स्वाद, दोनों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
मेले का आयोजन झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन की ओर से किया गया है। पश्चिमी सिंहभूम से पहुंचे उत्पादों की विविधता के कारण स्टॉल मेले में जिले की महिला उद्यमिता की उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आयोजन के दौरान आगंतुकों को सारंडा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है।
मोरहाबादी मैदान में यह मेला तीन नवंबर 2026 तक चलेगा। तब तक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के हस्तनिर्मित और खाद्य उत्पाद स्टॉल पर उपलब्ध रहेंगे। यह भागीदारी पश्चिमी सिंहभूम के समूहों को रांची के ग्राहकों के सामने अपने उत्पाद रखने के लिए प्रत्यक्ष मंच दे रही है।