रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के बाहर दीपावली के लिए अस्थायी पटाखा दुकानें लगाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। नगर निगम ने परिसर में बिक्री की तैयारी रोकने का निर्देश दिया है, जबकि जिला प्रशासन ने आवेदन करने वाले विक्रेताओं को खुदरा बिक्री के लिए अस्थायी अनुज्ञप्ति जारी की है। दोनों स्तरों से अलग निर्देश मिलने के कारण दुकानदार आगे की कार्रवाई को लेकर असमंजस में हैं।
स्टेडियम के बाहर करीब दो दर्जन अस्थायी दुकानों के ढांचे तैयार किए जा चुके हैं। विक्रेताओं ने हर वर्ष की तरह इस बार भी जिला प्रशासन के पास अनुमति के लिए आवेदन किया था। आवेदन देने के बाद उन्होंने दुकान लगाने की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन शुक्रवार शाम नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और तैयार किए जा रहे ढांचों पर नोटिस चिपका दिया।
नगर निगम की आम सूचना के मुताबिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम उसकी संपत्ति है और परिसर उसके नियंत्रण में आता है। निगम ने कहा है कि वहां पटाखों की बिक्री के लिए किसी को अनापत्ति प्रमाणपत्र या अनुमति नहीं दी जाएगी। विक्रेताओं को अस्थायी शेड और दुकान तैयार करने से रोकते हुए आदेश का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
निगम की कार्रवाई के बाद पटाखा विक्रेता नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। उनका कहना है कि वे वर्षों से अपर बाजार क्षेत्र में दुकानें लगाते आए हैं और इस बार भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन को आवेदन दिया था। अब निगम की रोक और प्रशासन की अनुज्ञप्ति के बीच उन्हें यह तय करने में कठिनाई हो रही है कि दुकान लगाई जाए या तैयारी रोक दी जाए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के अनुसार, विक्रेताओं के आवेदनों पर स्टेडियम के बाहर खुदरा पटाखा बिक्री की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की आपत्ति के संबंध में शनिवार को प्रशासन की टीम निगम से बातचीत करेगी। इस चर्चा के बाद ही दुकानों के बारे में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
स्टेडियम और आसपास के क्षेत्र में हाल में परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद धारा 163 लागू की गई थी और स्टेडियम के द्वार भी बंद कर दिए गए थे। ऐसे में पटाखा बाजार लगाने का मामला प्रशासनिक समन्वय से भी जुड़ गया है। फिलहाल विक्रेताओं को दोनों निकायों की बातचीत और स्पष्ट संयुक्त निर्णय का इंतजार है।