जामताड़ा पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि ये लोग बैंक अधिकारी बनकर आम लोगों से संपर्क करते और अलग-अलग सेवाओं के नाम पर उन्हें झांसे में लेते थे। गिरफ्तार लोगों के पास से 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और एक टैब बरामद होने की जानकारी दी गई है।
साइबर डीएसपी अमित रविदास ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को इस गतिविधि के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने पिंडारी रेलवे फाटक से आगे रेलवे की जमीन पर बने एक क्षतिग्रस्त मकान में छापेमारी की।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान सुनीत कुमार दास, कपिल दास, सीतेश्वर दास और तनवीर अंसारी को पकड़ा गया। बरामद उपकरणों और सिम कार्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस की आगे की जांच जारी है।
प्रारंभिक पुलिस जांच में दावा किया गया है कि आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से बातचीत करते थे। वे कथित तौर पर केवाईसी अपडेट, ई-चालान, बिजली बिल, गैस पाइपलाइन या पानी कनेक्शन जैसी सेवाओं का हवाला देकर संबंधित व्यक्ति का भरोसा हासिल करने की कोशिश करते थे।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी जाती थी और व्हाट्सएप के माध्यम से स्क्रीन साझा करने के लिए कहा जाता था। आरोप है कि इस प्रक्रिया से बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हासिल की जाती थी। पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों के आधार पर गतिविधियों की सीमा का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
इस संबंध में जामताड़ा के साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जांच रही है कि कथित गतिविधियों में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। मामले के अंतिम तथ्य विस्तृत जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।