जाली नोट तस्करी मामले में एनआईए की तीन राज्यों में छापेमारी, हजारीबाग के दो ठिकानों की तलाशी

एनआईए ने जाली भारतीय मुद्रा की तस्करी से जुड़े मामले में झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के आठ ठिकानों पर छापेमारी की। हजारीबाग में दो स्थानों की तलाशी ली गई।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
जाली नोट तस्करी मामले में हजारीबाग के दो ठिकानों पर एनआईए की तलाशी

जाली भारतीय मुद्रा की तस्करी से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की। एजेंसी की कार्रवाई कुल आठ ठिकानों पर हुई। इनमें झारखंड के हजारीबाग जिले के दो स्थान भी शामिल हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एनआईए ने बिहार के औरंगाबाद और गया जी में पांच ठिकानों की तलाशी ली। पश्चिम बंगाल के मालदा में भी एक स्थान पर छापा मारा गया। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण, कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और बांग्लादेशी मुद्रा समेत कई सामान जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

एनआईए के मुताबिक, यह कार्रवाई बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र से 2,48,500 रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामद होने के मामले से जुड़ी है। इस संबंध में मदनपुर थाने में 15 अगस्त 2026 को कांड संख्या 317/2026 दर्ज किया गया था। शुरुआती प्राथमिकी में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली। एजेंसी ने 18 अक्टूबर 2026 को आरसी-02/2026/एनआईए/पीएटी के तहत मामला दोबारा दर्ज किया और जाली नोटों की कथित तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू की।

एजेंसी का कहना है कि अब तक की जांच में आरोपियों की जाली भारतीय नोटों की तस्करी में संलिप्तता सामने आई है। हालांकि, पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है। बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों से मिली सामग्री की पड़ताल भी इसी जांच का हिस्सा होगी।

हजारीबाग के जिन दो स्थानों पर तलाशी हुई, उनके बारे में उपलब्ध विवरण में पते या वहां से अलग-अलग हुई बरामदगी की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए कार्रवाई से जुड़े आगे के तथ्य एनआईए की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।