रांची में झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) की प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमेटी ने विभिन्न नए औद्योगिक प्रोजेक्टों को स्वीकृति दी है। प्रस्तावित इकाइयां हजारीबाग और रामगढ़ के साथ रांची के तुपुदाना, टाटीसिलवे तथा कोकर औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित की जानी हैं। समिति की बैठक शुक्रवार को जियाडा भवन में प्रबंध निदेशक वरुण रंजन की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में शामिल चेंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल के अनुसार चार प्रस्तावों को मंजूरी मिली, जबकि कुछ प्रोजेक्ट आवश्यक कागजात की कमी के कारण लंबित रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि लंबित प्रस्तावों पर अगली बैठक में दस्तावेज पूरे होने के बाद आगे विचार किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक स्वीकृत परियोजना के निवेश या रोजगार की संख्या नहीं बताई गई है।
बैठक में जिन क्षेत्रों से जुड़े आवेदनों पर विचार हुआ, उनमें सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, खादी आधारित प्राकृतिक ऑर्गेनिक पेंट, प्रिंटिंग जॉब वर्क, अस्पताल और इस्पात संयंत्र के कच्चे माल के भंडारण से संबंधित प्रोजेक्ट शामिल हैं। हजारीबाग में अस्पताल खोलने के एक प्रस्ताव और रामगढ़ से जुड़े बीआर फाउंड्री एंड कास्टिक के प्रोजेक्ट को लंबित प्रस्तावों में बताया गया है।
चेंबर अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि नई परियोजनाओं की स्थापना से राज्य की औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे। हालांकि इन परियोजनाओं के शुरू होने की समयसीमा, उत्पादन क्षमता और संभावित नियुक्तियों का विस्तृत ब्योरा बैठक से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
बैठक में पहले स्वीकृत कुछ परियोजनाओं को भूखंड आवंटन के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। चेंबर ने ऐसे मामलों पर शीघ्र संज्ञान लेने का आग्रह किया, ताकि स्वीकृति प्राप्त इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
इसके अलावा चतरा, गढ़वा और लातेहार में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग रखी गई। चेंबर का कहना है कि इन जिलों में नई इकाइयां खुलने से क्षेत्रीय विकास तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अवसर मिल सकते हैं। बैठक में जियाडा, जेसिया और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।