जेएसएससी सीजीएल अनियमितता मामले में चार सफल अभ्यर्थी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

सीआईडी की जांच के दौरान गिरफ्तार चार सफल अभ्यर्थियों को रांची की विशेष अदालत में पेश किया गया। मामले में अब तक 150 संदिग्धों से पूछताछ की गई है।

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रांची में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की कथित अनियमितता से जुड़ी जांच की प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार चार सफल अभ्यर्थियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चारों को सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेजने का आदेश हुआ।

सीआईडी की जांच में अब तक करीब 150 संदिग्धों के बयान दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी कई अन्य अभ्यर्थियों से भी पूछताछ कर रही है और नए लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उपलब्ध बयानों, दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चार अभ्यर्थियों को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार अभ्यर्थियों की पहचान दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह के रूप में बताई गई है। चारों जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल हुए थे और नौकरी कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी धनबाद और बोकारो से किए जाने की जानकारी दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दीपक कुमार और विजय कुमार तिवारी धनबाद क्षेत्र में रहते थे। उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के निवासी हैं और फिलहाल बोकारो के दुग्दा इलाके में रह रहे थे। आनंद कुमार सिंह बिहार के छपरा जिले के मूल निवासी बताए गए हैं और वर्तमान में धनबाद के सुदामडीह क्षेत्र में उनका निवास था।

इस प्रकरण में पहले भी परीक्षा संचालन से जुड़ी एक निजी एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के परिवार के दो सदस्यों को जेल भेजे जाने की बात सामने आई थी। अभय कुमार तिवारी भी पहले से जेल में हैं। उनके तथा अन्य आरोपितों से संबंधित दावों की जांच अभी जारी है और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

सीआईडी फिलहाल अभ्यर्थियों के बयानों, उपलब्ध दस्तावेजों और परीक्षा से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की जांच आगे बढ़ा रही है। नए नोटिस और पूछताछ से जांच का दायरा बढ़ने के संकेत हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।