रांची स्थित झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय 5 अक्टूबर को अपना दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा। समारोह में 200 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। विश्वविद्यालय से पिछले सत्र में करीब 500 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। सुरक्षा, पुलिसिंग और रक्षा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने वाले इस संस्थान में विद्यार्थियों के रोजगार की स्थिति भी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से मिली जानकारी के अनुसार, यहां से पढ़ाई पूरी करने वाले कई छात्र दक्षिण भारत की अलग-अलग निजी कंपनियों में कार्यरत हैं। हालांकि, कई विद्यार्थियों को नौकरी के अवसर अपने स्तर पर तलाशने पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों का मानना है कि विश्वविद्यालय से जिस स्तर की प्लेसमेंट सहायता की अपेक्षा की जाती है, उस दिशा में अभी और प्रयास जरूरी हैं।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत के मुताबिक, संस्थान में प्लेसमेंट कमेटी पहले से काम कर रही है। प्रशासन अगले अकादमिक सत्र से इसे अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक साइंस से जुड़े सरकारी अवसरों में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का चयन हुआ है। बिहार में निकली रिक्तियों में भी यहां के विद्यार्थियों को सफलता मिली है।
प्रशासन के अनुसार, कंप्यूटर साइंस और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिल रहा है। स्नातक स्तर पर रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत कम बताए गए हैं, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर संभावनाएं अधिक हैं। इसी स्थिति को देखते हुए इस वर्ष क्रिमिनोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए भी प्रयास शुरू किए गए हैं।
सरकारी नौकरियों के आगामी अवसरों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी रिक्त पदों की तैयारी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वह राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि विद्यार्थियों को सरकारी क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें। निजी क्षेत्र की सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य सुरक्षा, पुलिसिंग और रक्षा से संबंधित विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को देशभर में रोजगार का बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को औपचारिक मान्यता देगा, जबकि प्लेसमेंट कमेटी के प्रयासों की सफलता आने वाले सत्रों में मिलने वाले रोजगार परिणामों से स्पष्ट होगी।