जेएसएससी-सीजीएल और जेपीएससी मामलों में सीआईडी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के तहत सीआईडी ने दो अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। अदालत में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
रांची में प्रतियोगी परीक्षा मामलों की जांच से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित गड़बड़ी के दो अलग मामलों में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा से जुड़ा है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सीआईडी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जेएसएससी-सीजीएल मामले में करीब 41 वर्षीय दिलीप कुमार पासवान की गिरफ्तारी हुई है। वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के केंदा क्षेत्र का निवासी बताया गया है। यह कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गई है।

जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा में शामिल कई अभ्यर्थियों को कथित रूप से अनुचित लाभ पहुंचाने में दिलीप की भूमिका सामने आई। सीआईडी ने कहा कि जांच में जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के कथित तरीके या किसी आर्थिक लेन-देन की पुष्टि के बारे में अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

दूसरी गिरफ्तारी जेपीएससी से जुड़े सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में हुई। इस मामले में 38 वर्षीय संजीत कुमार को पकड़ा गया है। वह प्राथमिकी में नामजद आरोपी और रांची स्थित एक कोचिंग सेंटर का संचालक बताया गया है।

सीआईडी के मुताबिक, जेपीएससी परीक्षा से संबंधित मामले की जांच के दौरान संजीत की कथित एजेंट के रूप में भूमिका सामने आई। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार कर अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश हुआ। एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही सामने आएगा।

दोनों गिरफ्तारियां अलग-अलग मामलों में हुई हैं और उपलब्ध जानकारी में इनके बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध का उल्लेख नहीं किया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी ने कार्रवाई की बुनियाद के रूप में जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों का हवाला दिया है। मामलों में कथित गड़बड़ी की पूरी कार्यप्रणाली तथा अन्य संभावित भूमिकाओं से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।