जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष टीम ने गुरुवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, रितेश कुमार को बोकारो के दुग्दा से पकड़ा गया। वह मूल रूप से बिहार के भोजपुर का रहने वाला है और दुग्दा में रह रहा था। सीआईडी ने उसे मामले में लंबे समय से वांछित बताया है।
रितेश पर आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले 30 से अधिक अभ्यर्थियों को एक स्थान पर इकट्ठा किया था। एजेंसी का दावा है कि वहां अभ्यर्थियों को कथित रूप से लीक प्रश्नपत्रों के उत्तर याद कराए गए। ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।
जांच में अभ्यर्थियों के साथ लाखों रुपये में सौदेबाजी किए जाने और अग्रिम रकम लिए जाने का संदेह भी सामने आया है। सीआईडी अब आरोपी के बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके जरिये कथित भुगतान और प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेष टीम आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ का उद्देश्य कथित नेटवर्क की दूसरी कड़ियों और उसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाना है। मामले में अभ्यर्थियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी जारी रखी गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार को 20 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। सीआईडी अब तक 500 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि इस प्रकरण में अब तक 37 लोगों को जेल भेजा गया है।
जांच का दायरा कथित प्रश्नपत्र लीक, अभ्यर्थियों से संपर्क और पैसे के लेनदेन से जुड़े पहलुओं तक फैला है। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर घटनाक्रम तथा संभावित संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आरोपी पर लगाए गए सभी आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही निकलेगा।