रामगढ़ के जमीन मुआवजा मामले में पूर्व अमीन और प्रधान सहायक गिरफ्तार

मांडू अंचल के जोड़कर्मा मौजा में एनएच-33 के लिए अधिग्रहित 1.92 एकड़ जमीन के मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितता की जांच के दौरान एसीबी ने दो पूर्व कर्मियों को गिरफ्तार किया है।

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रामगढ़ जमीन मुआवजा मामले में एसीबी की कार्रवाई का सांकेतिक दृश्य

रामगढ़ जिले में एनएच-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान में कथित गड़बड़ी के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यालयों में कार्यरत रहे हैं। यह कार्रवाई एक अक्टूबर को मामले के अनुसंधान के दौरान की गई।

एसीबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में 69 वर्षीय बालेश्वर प्रसाद और 63 वर्षीय प्रवीण कुमार सिन्हा शामिल हैं। बालेश्वर प्रसाद रामगढ़ के मांडू अंचल में तत्कालीन अमीन थे, जबकि प्रवीण कुमार सिन्हा जिला भू-अर्जन कार्यालय में तत्कालीन प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत थे। दोनों हजारीबाग जिले के निवासी बताए गए हैं।

मामला मांडू अंचल के जोड़कर्मा मौजा की 1.92 एकड़ जमीन से संबंधित है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, खाता संख्या 126 और प्लॉट संख्या 2677 की यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके मुआवजे के भुगतान में अनियमितता बरतने का आरोप है।

इस प्रकरण में तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो और अन्य लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। एसीबी के अनुसार, संबंधित थाना कांड संख्या 13/18 को 18 सितंबर 2018 को दर्ज किया गया था। जांच भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत चल रही है।

गिरफ्तारी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और मुआवजा भुगतान में गड़बड़ी के आरोपों पर आगे की कार्रवाई अनुसंधान के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। उपलब्ध सूचना में किसी अदालत द्वारा आरोप सिद्ध किए जाने का उल्लेख नहीं है। इसलिए दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगे आरोप फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।