जेएसएससी सीजीएल नियुक्तियां रद्द करने वाली अधिसूचना पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक

झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल के तहत हुई नियुक्तियां रद्द करने संबंधी 18 अगस्त की अधिसूचना पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए प्रभावित कर्मियों को काम जारी रखने की अनुमति दी है।

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रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल भर्ती के तहत की गई नियुक्तियों को रद्द करने वाली राज्य सरकार की अधिसूचना के संचालन और अनुपालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत के अंतरिम आदेश से अधिसूचना से प्रभावित नियुक्त कर्मी फिलहाल अपना काम जारी रख सकेंगे।

यह मामला जेएसएससी सीजीएल के विज्ञापन संख्या 10/2023 से जुड़ा है। नियुक्तियां रद्द करने के लिए 18 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी की गई थी। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इससे संबंधित तीन अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई के बाद रोक का आदेश दिया।

अदालत के समक्ष शालिनी सुंडी व अन्य, रोजलिन श्वेता तिग्गा व अन्य तथा ऋषिकेश सज्जन व अन्य की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिसूचना के संचालन, क्रियान्वयन और अनुपालन को अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने को कहा है। इसके तहत केवल याचिकाकर्ताओं ही नहीं, बल्कि अधिसूचना से प्रभावित होकर समान स्थिति में मौजूद अन्य नियुक्त कर्मियों को भी फिलहाल काम करने दिया जाना है। इस व्यवस्था से मामले के लंबित रहने के दौरान उनकी कार्यस्थिति बनी रहेगी।

इसके साथ ही सभी याचिकाकर्ताओं को शपथपत्र या अंडरटेकिंग दाखिल करनी होगी। इसमें उन्हें स्वीकार करना होगा कि संबंधित आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से पारित अंतिम आदेश उन पर बाध्यकारी होगा। यानी अंतरिम राहत के बावजूद आगे की स्थिति ट्रायल कोर्ट के अंतिम निर्णय से जुड़ी रहेगी।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के आधार पर राज्य सरकार कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी। मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। तीनों याचिकाओं पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है।