झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा-2023 में कथित गड़बड़ी की जांच के तहत सीआईडी ने तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, इन अभ्यर्थियों पर परीक्षा में अनुचित तरीके से लाभ लेकर सफलता हासिल करने का आरोप है। नई कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 19 हो गई है।
गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों में कोडरमा और गिरिडीह के निवासी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट में तीनों की पहचान अजय कुमार, संजय कुमार और रामाकृष्णा के रूप में बताई गई है। सीआईडी ने पूछताछ के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को रांची सेंट्रल जेल भेज दिया गया। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
सीजीएल परीक्षा को लेकर पहले पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके विरोध में अभ्यर्थियों ने आंदोलन करते हुए परीक्षा रद्द करने और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच झारखंड सीआईडी को सौंपी थी।
जांच के दौरान सीआईडी परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी, कोचिंग संचालकों और संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। एजेंसी कथित पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क और परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। अब तक हुई गिरफ्तारियां इसी जांच का हिस्सा बताई गई हैं।
कुछ गिरफ्तार अभ्यर्थियों के पद और कार्यस्थल को लेकर मीडिया में अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी और अदालत की आगे की कार्यवाही से ही उनकी भूमिका स्पष्ट होगी। सीआईडी ने संकेत दिया है कि मामले की जांच अभी जारी है।