रांची में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं। रविवार को राज्यभर में आयोजित परीक्षा में 5.65 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। किसी अभ्यर्थी के अनुचित साधन इस्तेमाल करते पकड़े जाने या परीक्षा से निष्कासित होने पर उसे भविष्य की जेटेट परीक्षाओं में बैठने से स्थायी रूप से वंचित किया जाएगा।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 1,95,935 और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 3,69,113 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने जिलों के उपायुक्तों और वरीय पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा संचालन से संबंधित निर्देश जारी किए हैं।
फर्जीवाड़े, अनुचित सहायता या परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश के मामलों में कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। परीक्षा ड्यूटी में तैनात किसी कर्मचारी के काम से इनकार करने पर भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनधिकृत लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
निगरानी के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए अलग दल बनाए गए हैं, जबकि केंद्रों की औचक जांच के लिए उड़नदस्ता टीमें गठित की गई हैं। हर जिले में उच्चस्तरीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
गोपनीय सामग्री के पैकेट खोलने और परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट सील करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसकी सीडी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जमा होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा सामग्री से जुड़ी प्रक्रियाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना है।
अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पहुंचने और प्रवेश पत्र के साथ मूल पहचान पत्र लाने का निर्देश है। परीक्षा आरंभ होने से आधा घंटा पहले मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। दृष्टिबाधित, सीपी दिव्यांग और दोनों हाथों से दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा।