बोकारो जिले के जैनामोड़-फुसरो मार्ग की जर्जर हालत और पानी से भरे गड्ढों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते चार दिनों में इस रास्ते पर बाइक, स्कूटी, साइकिल और दूसरे छोटे वाहनों से चलने वाले 50 से अधिक लोग गिरकर चोटिल हुए हैं। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क और गड्ढे के बीच अंतर पहचानना कठिन हो रहा है।
ठाकुरटांड़ गांव के पास स्थिति अधिक गंभीर बताई गई है। यहां सड़क पर लगातार कई बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा है। गहराई का अनुमान नहीं लग पाने से दोपहिया वाहन चालक अचानक असंतुलित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक रात में जोखिम और बढ़ जाता है, जबकि ऑटो तथा चारपहिया वाहनों को भी संभलकर गुजरना पड़ रहा है।
यह मार्ग जैनामोड़ को राजधानी रोड फोरलेन और जीटी रोड से जोड़ता है। साथ ही यह बेरमो कोयलांचल और बोकारो लोहांचल के बीच महत्वपूर्ण संपर्क रास्ता है। इस पर प्रतिदिन छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है और कोयला, छाई तथा स्लैग लेकर भारी वाहन भी गुजरते हैं। सड़क खराब होने से कुछ यात्री तातरी, भंडारीदह और चंद्रपुरा होकर बोकारो जाने का लंबा विकल्प चुन रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सड़क की मरम्मत करीब एक वर्ष पहले लगभग 78 लाख रुपये की लागत से कराई गई थी। इसके बावजूद दोबारा गड्ढे बनने से स्थानीय लोग काम की टिकाऊ गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि केवल अस्थायी भराव के बजाय जलजमाव और क्षतिग्रस्त हिस्सों का स्थायी समाधान किया जाए।
समस्या की ओर ध्यान खींचने के लिए स्थानीय कंटेंट क्रिएटर भी सक्रिय हुए हैं। पानी भरे गड्ढों के पास व्यंग्यात्मक वीडियो और रील बनाकर सड़क की स्थिति दिखाई जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर साझा सामग्री के जरिए सरकार, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।
विभागीय पक्ष के अनुसार फिलहाल गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है और बारिश थमने के बाद काम शुरू करने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक और पथ निर्माण विभाग से जल्द कदम उठाकर मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की है।