धनबाद में संशोधित झरिया मास्टर प्लान के तहत अग्नि और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों के पुनर्वास की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने मंगलवार को समाहरणालय में हुई बैठक में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने, बेलगड़िया टाउनशिप का विकास तेज करने और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बैठक में झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार, बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने अब तक किए गए कार्यों की जानकारी दी। धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के अनुसार, बेलगड़िया टाउनशिप के पहले तीन चरणों में अधिग्रहित 3,737 आवासों के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें छत की वाटरप्रूफिंग, फर्श और बाथरूम में टाइल्स, रंगाई तथा पानी की टंकियां लगाने का काम प्रस्तावित है।
निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी के लिए आईआईटी-आईएसएम के साथ समझौता किया गया है। संस्थान के प्रमाणन के बाद ही भुगतान की व्यवस्था रखी गई है। प्रशासन ने बताया कि पुनर्वासित परिवारों को 99 वर्ष का लीज अधिकार दिया जाएगा। स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क माफ करने अथवा वहन करने का निर्णय भी बीसीसीएल बोर्ड ने लिया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी बैठक में चर्चा हुई। बेलगड़िया के प्राथमिक विद्यालय का उन्नयन पूरा हो चुका है, जबकि जी-प्लस-दो मिडिल स्कूल और आमटाल हाई स्कूल का निर्माण चल रहा है। आरएसपी कॉलेज के नए भवन और बहुउद्देशीय हॉल के विस्तार के लिए निविदा जारी की गई है। इलाके में 20 बिस्तरों वाले नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण भी जारी है और चौबीस घंटे एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था बताई गई है।
सड़क, पानी और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति भी परखी गई। बारमसिया-कुसमाटांड़ मुख्य सड़क और पलानी मोड़ सड़क के लिए निविदा निकाली गई है। चार लेन वाले झरिया रिंग रोड की व्यवहार्यता रिपोर्ट एनएचएआई तैयार कर रहा है। दामोदर नदी से स्थायी जलापूर्ति, 33 केवी सब-स्टेशन और स्मार्ट मीटरिंग की योजनाओं पर भी काम चल रहा है। बेलगड़िया में पांच सौ से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी हैं।
प्रशासन ने पुनर्वास के साथ आजीविका और कौशल विकास की योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रस्तावित टेक्सटाइल उद्योग से छह सौ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। युवाओं के लिए एआई, डेटा साइंस और कोडिंग प्रशिक्षण तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था बताई गई। परिवहन के लिए 50 ई-रिक्शा वितरित किए जा चुके हैं और 50 अन्य के वितरण की प्रक्रिया चल रही है।