झारखंड के 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए 90 दिन की कार्ययोजना तैयार

नए चयनित विद्यालयों को सीबीएसई मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रधानाध्यापकों को संबद्धता, आधारभूत संरचना, डिजिटल पढ़ाई और कौशल शिक्षा की प्रक्रिया समझाई गई।

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रांची में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाध्यापकों का राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम

रांची में आयोजित राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में झारखंड के 100 नए चयनित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को सीबीएसई मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए 90 दिन की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के धुर्वा स्थित प्रेक्षागृह में प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों को विद्यालय संचालन, संसाधन विकास तथा संबद्धता की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि केवल नाम बदलना इन विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। पढ़ाई की गुणवत्ता, प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों में भी बदलाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रमुखों से विद्यार्थियों को केंद्र में रखते हुए शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम करने को कहा।

कार्यक्रम में प्रस्तुत 90 दिन की कार्ययोजना के तहत सीबीएसई संबद्धता के लिए जरूरी दस्तावेज, मानक और शैक्षणिक आवश्यकताएं पूरी करने की प्रक्रिया समझाई गई। पीएमयू के प्रोग्राम स्पेशलिस्ट डॉ. मनोहर लाल ने संबद्धता से जुड़े अनुपालन की जानकारी दी। प्रधानाध्यापकों ने प्रक्रिया, विद्यालय प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित सवाल भी रखे।

आधारभूत संरचना की समीक्षा में कक्षाओं के आधुनिकीकरण, सुरक्षा मानकों, चारदीवारी और भवन से जुड़े कार्यों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया गया। स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल सामग्री और तकनीक आधारित पढ़ाई को विद्यालयों की नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाने की योजना भी साझा की गई।

नए विद्यालयों में सामान्य पढ़ाई के साथ कौशल आधारित शिक्षा को स्थान देने की तैयारी है। वोकेशनल एजुकेशन के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार ने विशेष व्यावसायिक प्रयोगशालाओं और रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रमों के बारे में बताया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है।

पहले से संचालित सीएम स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने बदलाव के दौरान सामने आई चुनौतियों और उनके समाधान के अनुभव साझा किए। इनमें गिरिडीह के जेसी बोस सीएम स्कूल, जमशेदपुर के बीपीएम सीएम स्कूल और लातेहार जिला सीएम स्कूल के प्रतिनिधि शामिल थे। योजना के नोडल पदाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि आदर्श विद्यालय योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर बढ़ाना है।