झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के 18 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से अब तक 21,974 आवेदन और आपत्तियां दर्ज की गई हैं। यह संख्या दर्ज आवेदनों की है; नाम हटाने की कार्रवाई नियमानुसार जांच के बाद की जानी है।
नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 से प्राप्त 8,43,063 आवेदन डिजिटाइज किए जा चुके हैं। नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार तथा स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के 5,35,865 आवेदन डिजिटाइज हुए हैं। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं से संबंधित फॉर्म-6ए के तहत कुल 119 आवेदन दर्ज किए गए हैं।
बुलेटिन में 17 अक्टूबर की दैनिक प्रगति भी दी गई है। उस दिन फॉर्म-6 के 4,977, फॉर्म-7 के 359 और फॉर्म-8 के 2,230 आवेदन डिजिटाइज किए गए। फॉर्म-6ए के तहत उस दिन कोई नया आवेदन डिजिटाइज नहीं हुआ।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, विवरण सुधारने या पता बदलने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है। कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। विवरण अथवा स्थानांतरण में बदलाव चाहने वाले मतदाताओं के लिए फॉर्म-8 भरना अनिवार्य बताया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है। सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने में कठिनाई का सामना कर रहे पात्र भारतीय नागरिकों की बूथवार सूची बनाने और आउटरीच कार्यक्रम के जरिए उनकी मदद करने का निर्देश भी दिया गया है।
अधिकारियों को नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले मामलों में नोटिस के निष्पादन की समीक्षा करने को कहा गया है। द्वितीय नोटिस और बूथ लेवल ऑफिसर की होम विजिट के बाद भी स्वीकार्य दस्तावेज जमा नहीं करने वाले लोगों की बूथवार सूची तैयार की जाएगी। डेमोग्राफिकली सिमिलर एंट्री तथा अन्य विसंगतियों वाले मामलों में सुनवाई के बाद कारण सहित अंतिम आदेश पारित करने और गलत प्रविष्टि प्रमाणित होने पर नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई का निर्देश है।