रांची में कृषि निदेशालय से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में 31 अगस्त तक खरीफ फसलों की बुआई तय लक्ष्य के 78.82 प्रतिशत क्षेत्र में पूरी हो चुकी थी। राज्य में खरीफ खेती के लिए 28,53,955 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 22,49,537 हेक्टेयर भूमि पर फसलें बोई जा चुकी थीं। इस तरह बुआई का कुल दायरा लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
विभागीय जानकारी में बताया गया है कि जिन इलाकों में अच्छी बारिश देर से हुई, वहां किसान अभी धान की रोपाई कर रहे हैं। इस कारण 31 अगस्त तक दर्ज आच्छादन के आंकड़े में आगे बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। अगस्त के दौरान हुई बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में खरीफ की बुआई को गति दी।
फसलवार जिलों के आंकड़ों में कई स्थानों पर धान का आच्छादन लक्ष्य के 80 प्रतिशत से अधिक रहा। पश्चिमी सिंहभूम में धान की बुआई 1,68,112 हेक्टेयर और गुमला में 1,78,315 हेक्टेयर तक पहुंची। पूर्वी सिंहभूम में धान आच्छादन लक्ष्य का 89.54 प्रतिशत तथा सरायकेला-खरसावां में 94.27 प्रतिशत दर्ज किया गया।
रांची जिले में 1,71,000 हेक्टेयर धान बुआई के लक्ष्य के मुकाबले 1,42,228 हेक्टेयर क्षेत्र में आच्छादन हुआ, जो 83.17 प्रतिशत है। जिले में मक्का का आच्छादन 10,317 हेक्टेयर, दलहन का 22,380 हेक्टेयर और तिलहन का 1,801 हेक्टेयर दर्ज किया गया। मिलेट्स का आच्छादन 3,552 हेक्टेयर रहा।
अगस्त में राज्य में 336.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस महीने की सामान्य औसत वर्षा 319.4 मिलीमीटर बताई गई है। प्रमंडलवार स्थिति एक जैसी नहीं रही। संथाल प्रमंडल में सामान्य 308 मिलीमीटर के मुकाबले 185.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य मात्रा का 59.98 प्रतिशत है।
दूसरी ओर, कोल्हान प्रमंडल में अगस्त के दौरान 498.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 289.8 मिलीमीटर है। पलामू प्रमंडल में 353.6 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा के मुकाबले 466.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उत्तरी छोटानागपुर में सामान्य 311.1 मिलीमीटर की तुलना में 276.6 मिलीमीटर वर्षा हुई।