रांची में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने खरीफ-2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति को देखते हुए जिलों को अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। 30 सितंबर तक राज्य में चिह्नित 2,60,75,447 प्लॉट में से करीब 57.29 लाख का सर्वे पूरा हुआ था। यह कुल लक्ष्य का 21.97 प्रतिशत है। इनमें 25.48 लाख प्लॉट के सर्वे को स्वीकृति मिल चुकी है।
राज्य सरकार के आग्रह के बाद सर्वे पूरा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है। विभागीय सचिव ने सभी उपायुक्तों से अपने जिलों में काम की नियमित निगरानी करने, प्रखंडवार समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार सर्वेयर तथा सुपरवाइजर की संख्या बढ़ाने को कहा है। कृषि विभाग, कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मियों और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
यह अभियान राज्य के 263 प्रखंडों के 32,739 गांवों में चलाया जा रहा है। इसके लिए 26,943 सर्वेयर पंजीकृत किए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार इनमें 20,901 सर्वेयर काम कर रहे हैं, जबकि 6,042 सीएससी सर्वेयर भी पंजीकृत हैं।
जिलावार प्रगति में देवघर 58.73 प्रतिशत सर्वे के साथ सबसे आगे है। लोहरदगा में 57.67 प्रतिशत और हजारीबाग में 45.30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। दूसरी ओर पश्चिमी सिंहभूम में 3.65 प्रतिशत, खूंटी में 6.42 प्रतिशत और पलामू में 7.32 प्रतिशत सर्वे दर्ज किया गया है। इन जिलों में रफ्तार बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या तथा सर्वे एप में लागू फेस आईडी व्यवस्था को काम की गति प्रभावित करने वाली चुनौतियों में बताया गया है। कुछ स्थानों पर सीएससी के वीएलई को प्रति सर्वे करीब छह रुपये मिलने की बात भी सामने आई है। कम भुगतान और लगातार बारिश से सर्वेयरों की आवाजाही प्रभावित होने को भी धीमी प्रगति से जोड़ा गया है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में मोबाइल एप, जीपीएस और जियो-टैगिंग की मदद से खेत की स्थिति, क्षेत्रफल और बोई गई फसल का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग फसल बीमा, कृषि योजनाओं, आपदा राहत, इनपुट वितरण और लक्षित सरकारी सहायता में किया जा सकता है। अब विभाग के सामने 15 अक्टूबर तक शेष प्लॉट का सर्वे पूरा कराने की चुनौती है।