झारखंड में पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, सहायता नंबर जारी

मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है। विभाग ने बिल भुगतान, विद्युत सुरक्षा और शिकायतों के लिए संपर्क नंबर जारी किए हैं।

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गोड्डा में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए योजना और हेल्पलाइन की जानकारी

गोड्डा में ऊर्जा विभाग ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना, सुरक्षित विद्युत उपयोग और शिकायत निवारण से जुड़ी जानकारी दी है। योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है। विभाग ने उपभोक्ताओं से बिजली का जिम्मेदारी से उपयोग करने और देय बिल का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की है।

विभाग के अनुसार, ऊर्जा संरक्षण को दैनिक आदतों में शामिल करके बिजली की अनावश्यक खपत घटाई जा सकती है। उपयोग न होने पर पंखे, बल्ब, लाइट और दूसरे विद्युत उपकरण बंद रखने को कहा गया है। इससे घरेलू खर्च कम करने के साथ उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में भी मदद मिलेगी।

विद्युत सुरक्षा को लेकर लोगों को खंभों, ट्रांसफॉर्मर और अर्थिंग तारों को नहीं छूने की सलाह दी गई है। कहीं तार टूटा या क्षतिग्रस्त दिखाई देने पर उससे उचित दूरी बनाए रखने और तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा गया है। उपकरणों तथा तारों के इस्तेमाल में लापरवाही से बचने की भी अपील की गई है।

ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली का अनधिकृत उपयोग, अवैध कनेक्शन और चोरी दंडनीय हैं। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 126 और 135 के प्रावधानों के तहत आर्थिक दंड तथा कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उपभोक्ताओं से केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से बिजली इस्तेमाल करने को कहा गया है।

समस्या निवारण के लिए 9031110118, 9031110119 और 9031110120 नंबर जारी किए गए हैं। विभागीय कॉल सेंटर से 1912, 18003456570 और 0651-2710002 पर संपर्क किया जा सकता है। मोबाइल तथा व्हाट्सऐप सहायता के लिए 9031110121, 9431135504 और 9431135503 नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।

बिजली चोरी की सूचना व्हाट्सऐप नंबर 9431135515 पर दी जा सकती है। विभाग की सूचना में मुफ्त बिजली योजना के लाभ के साथ समय पर भुगतान, ऊर्जा बचत और सुरक्षित व्यवहार पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि उपभोक्ता सुविधा का लाभ लेते हुए विद्युत दुर्घटनाओं और अवैध उपयोग से बच सकें।