मेदिनीनगर। झारखंड में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। वित्त विभाग की नई व्यवस्था के तहत पेंशन संबंधी स्वीकृतियां और उनका निष्पादन ई-पेंशन पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से होगा। यह व्यवस्था एक सितंबर से राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
विभाग का उद्देश्य पेंशन मामलों की प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाना है। ऑनलाइन व्यवस्था से कर्मचारियों को पेंशन स्वीकृति के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। कागजी कार्रवाई के कारण होने वाली देरी घटाने और मामलों के निष्पादन में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया है।
ई-पेंशन पोर्टल पर कर्मचारी द्वारा दर्ज किए गए विवरण का सत्यापन संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी यानी डीडीओ करेंगे। आवेदन करते समय कोई जरूरी दस्तावेज छूट गया हो तो उसे बाद में भी ऑनलाइन अपलोड किया जा सकेगा। डीडीओ पोर्टल पर पेंशन निर्धारण प्रपत्र और महालेखाकार कार्यालय के लिए नो ड्यूज प्रमाणपत्र तैयार करने की कार्रवाई करेंगे।
नई प्रणाली में कोषागार पदाधिकारियों की भूमिका भी तय की गई है। कोषागार स्तर पर विवरणात्मक भूमिका प्रपत्र और नो ड्यूज प्रमाणपत्र की जांच तथा सत्यापन होगा। इस प्रक्रिया के बाद ई-पेंशन प्रपत्र को आगे की अंतिम कार्रवाई के लिए स्वीकार किया जाएगा। कर्मचारी पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन की मौजूदा स्थिति भी देख सकेंगे।
पेंशन स्वीकृति प्राधिकार उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद अनुरोध महालेखाकार कार्यालय को भेजेगा। वहां ई-पेंशन प्रपत्र डाउनलोड कर उसकी जांच की जाएगी। पेंशन भुगतान आदेश जारी होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश यानी ई-पीपीओ को भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
वित्त विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किया है। विभाग ने डीडीओ और पेंशन स्वीकृति प्राधिकार के लिए जे-कुबेर पर डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र के पंजीकरण तथा पेंशन प्रपत्र और एक्सएमएल के ऑनलाइन प्रसंस्करण की प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई है।