रांची में उद्यान निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान झारखंड में गुणवत्तापूर्ण फल, फूल और टिश्यू कल्चर पौध सामग्री की आपूर्ति के लिए दरें तय की हैं। निदेशालय ने इस काम के लिए 13 नर्सरियों और एजेंसियों को चिह्नित करते हुए उन्हें एल-1 दर पर सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की है। संबंधित आपूर्तिकर्ताओं से पहले सहमति पत्र मांगा गया है।
निर्धारित सूची के अनुसार आम के पौधों की कीमत किस्म के आधार पर लगभग 78 से 80.25 रुपये प्रति पौधा रखी गई है। मालदा और बंबई किस्म के पौधों की दर 80 रुपये बताई गई है, जबकि हिमसागर, कृष्णभोग और रत्नागिरी के लिए 79 रुपये दर्ज हैं। दशहरी, मल्लिका, लंगड़ा और गुलाब खास जैसी किस्मों की दर 78 रुपये निर्धारित की गई है।
नींबू और अन्य सिट्रस किस्मों के पौधों की कीमत करीब 60 से 64 रुपये रखी गई है। इनमें कागजी नींबू, नेपाली राउंड, कागजी खट्टा और गोंदराज जैसी किस्में शामिल हैं। अमरूद के पौधों की दर 49 से 69 रुपये तक दर्ज है, जबकि लीची का पौधा 73 रुपये में उपलब्ध कराने की दर तय की गई है।
टिश्यू कल्चर और दूसरे पौधों के लिए भी अलग-अलग कीमतें निर्धारित की गई हैं। केले के पौधों की दर 18.75 से 21.90 रुपये, अनानास की 27 रुपये और स्ट्रॉबेरी की 20 रुपये है। चीकू के लिए 75 रुपये, आंवला के लिए 74.50 रुपये, ड्रैगन फ्रूट के लिए 36 रुपये तथा जरबेरा के लिए 40 से 59 रुपये प्रति पौधा दर्ज किए गए हैं।
ड्रैगन फ्रूट के पौधों की राज्यभर में आपूर्ति के लिए फल उद्योग नर्सरी को सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा चिह्नित नर्सरियों और एजेंसियों के साथ फलदार तथा फूलों के पौधों की दरों को लेकर समझौता किया जाएगा। सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आपूर्तिकर्ताओं की सहमति मिलने के बाद आगे बढ़ेगी।
निदेशालय ने कीमतों के साथ पौधों की गुणवत्ता के मानक भी निर्धारित किए हैं। अलग-अलग प्रजातियों के लिए उम्र, लंबाई, तने की मोटाई और रोगमुक्त होने जैसी शर्तें रखी गई हैं। कई फलदार पौधों के लिए उम्र डेढ़ से दो वर्ष और तने की मोटाई 20 से 30 मिलीमीटर होना जरूरी होगा। टिश्यू कल्चर पौधों के लिए भी तय आयु और आकार संबंधी मानकों का पालन करना होगा।