पश्चिमी सिंहभूम में पांच खदानों के लीज रद्द, दोबारा नीलामी की तैयारी

निर्धारित अवधि में उत्पादन शुरू नहीं होने के बाद राज्य सरकार ने दो सोना, एक लौह अयस्क और दो ग्रेफाइट खदानों के लीज आवंटन रद्द कर दिए हैं।

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पश्चिमी सिंहभूम में खनन क्षेत्र को दर्शाती सांकेतिक तस्वीर

पश्चिमी सिंहभूम में निर्धारित समय के भीतर खनन उत्पादन शुरू नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने पांच खदानों के लीज आवंटन रद्द कर दिए हैं। इनमें दो सोने की, एक लौह अयस्क की और दो ग्रेफाइट खदानें शामिल हैं। सरकार अब इन खनिज ब्लॉकों की दोबारा नीलामी कराने की तैयारी कर रही है।

रद्द किए गए आवंटनों में 69.240 हेक्टेयर में फैली परासी गोल्ड माइंस शामिल है। इसकी नीलामी 1 नवंबर 2017 को हुई थी और इसे रुंगटा माइंस लिमिटेड ने हासिल किया था। कंपनी को 2 जनवरी 2021 तक जरूरी मंजूरियां लेकर उत्पादन शुरू करना था, लेकिन तय अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उपलब्ध विवरण में वन मंजूरी नहीं मिलने को परियोजना आगे नहीं बढ़ने का प्रमुख कारण बताया गया है।

जिले के 272.651 हेक्टेयर क्षेत्र वाले पहाड़डीहा गोल्ड ब्लॉक का आवंटन भी समाप्त कर दिया गया है। इस ब्लॉक की नीलामी 26 अक्टूबर 2016 को हुई थी और मैथन इस्पात लिमिटेड को इसका आवंटन मिला था। यहां भी निर्धारित समय में खनन शुरू नहीं हो पाया।

नोवामुंडी के सारंडा क्षेत्र में स्थित भनगांव आयरन ओर ब्लॉक का लीज आवंटन भी रद्द किया गया है। वर्ष 2018 में ई-नीलामी के माध्यम से यह ब्लॉक साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को मिला था। वन मंजूरी और अन्य आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण यहां उत्पादन शुरू नहीं हो सका।

इन तीन ब्लॉकों के अलावा दो ग्रेफाइट खदानों के आवंटन भी रद्द किए गए हैं। इस तरह कार्रवाई के दायरे में कुल पांच खदानें आई हैं। उपलब्ध जानकारी में दोनों ग्रेफाइट खदानों के नाम और क्षेत्रफल का उल्लेख नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित विभाग को इन खदानों की दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। पिछली नीलामी इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित एमएसटीसी के मंच से हुई थी। लीज आवंटन रद्द किए जाने की अधिसूचना भी इसी मंच पर जारी की गई है।