रांची में मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों की लंबित मजदूरी के भुगतान के लिए 220 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। मुख्यालय ने राशि का जिलावार आवंटन भी पूरा कर लिया है। राज्य के उपायुक्तों और उप विकास आयुक्तों को बकाया भुगतान जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार, आवंटित राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के मजदूरी मद की है। भुगतान सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाने के लिए डीबीटी स्पर्श मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से मजदूरी का भुगतान पारदर्शी ढंग से करने की तैयारी है।
निर्देश में उन प्रखंडों पर भी ध्यान देने को कहा गया है, जहां पहले स्वीकृत बजट खर्च हो चुका है। ऐसे प्रखंडों में उपलब्ध राशि से प्राथमिकता के आधार पर शीर्षवार भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई है, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे मजदूरों का बकाया चुकाया जा सके।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में योजना से जुड़े मजदूरों को जुलाई से मजदूरी नहीं मिली थी। भुगतान लंबित रहने के कारण ग्रामीण मजदूरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई मजदूरों ने योजना का काम छोड़कर दूसरे मजदूरी कार्यों का रुख किया।
मजदूरों की अनुपलब्धता और भुगतान में देरी का असर ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी पड़ा। कई स्थानों पर काम की गति प्रभावित होने की बात सामने आई है। अब राशि आवंटित होने के बाद लंबित मजदूरी के निपटारे और रुके कार्यों में दोबारा तेजी आने की उम्मीद है।
त्योहारी अवधि में खातों में बकाया पहुंचने से मजदूर परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, भुगतान कब तक पूरा होगा और अलग-अलग जिलों को कितनी राशि मिली है, इसका विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। प्रशासनिक निर्देशों के बाद अब जिलों में भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।