रांची में खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक अक्टूबर से झारखंड की राशन कार्ड लाभुक सूची की सफाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले साइलेंट लाभुकों और सूची में दोहराव वाले डुप्लीकेट लाभुकों के नाम हटाए जाने हैं। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के निर्देश पर की जा रही है।
केंद्र से भेजी गई सूची के अनुसार राज्य में 1,77,751 साइलेंट और 1,10,142 डुप्लीकेट लाभुक चिह्नित किए गए हैं। इस तरह पहले चरण में कुल 2,87,893 नामों पर कार्रवाई प्रस्तावित है। विभाग ने यह काम अगले एक महीने में पूरा करने की योजना बनाई है।
विभागीय व्यवस्था के मुताबिक, जिन लाभुकों ने छह महीने या उससे अधिक समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अपने हिस्से का अनाज नहीं लिया है, उन्हें साइलेंट श्रेणी में रखा गया है। ऐसे राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है।
डुप्लीकेट लाभुक उन प्रविष्टियों को माना गया है जिनमें डेटा दर्ज करने या किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार सूची में आ गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आधार सीडिंग के माध्यम से इस तरह की दोहरी प्रविष्टियों की पहचान की जाती है।
इस अभियान के दौरान सूची से जितने नाम हटाए जाएंगे, उतने ही नए नाम प्रतीक्षा सूची से जोड़ने की योजना है। इससे राशन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे पात्र लोगों को लाभुक सूची में स्थान मिलने का रास्ता खुलेगा। हालांकि किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर अंतिम कार्रवाई संबंधित रिकॉर्ड की प्रक्रिया के तहत ही होगी।
सफाई अभियान का उद्देश्य लाभुक सूची में निष्क्रिय और दोहरी प्रविष्टियों को कम करना तथा उपलब्ध जगह पात्र परिवारों के लिए खोलना है। राशन नहीं उठाने वाले चिह्नित कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी की अनिवार्यता भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसी प्रक्रिया से उनके विवरण की स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।