झारखंड में हर महीने तैयार हो रहे तीन नए स्टार्टअप प्रस्ताव, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में बढ़ी रुचि

पिछले चार महीनों में झारखंड के स्टार्टअप परिदृश्य ने गति पकड़ी है। नए प्रस्तावों की संख्या एक से बढ़कर तीन प्रतिमाह हुई, हालांकि निवेश जुटाना अब भी बड़ी चुनौती है।

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रांची में आयोजित स्टार्टअप कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमी और विशेषज्ञ

रांची में झारखंड के स्टार्टअप क्षेत्र से उत्साहजनक तस्वीर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार महीने पहले तक राज्य में औसतन एक नया उद्यम प्रस्ताव हर महीने तैयार हो रहा था, जबकि अब यह संख्या बढ़कर तीन प्रतिमाह हो गई है। कृषि, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार में उद्यमियों की रुचि विशेष रूप से बढ़ी है।

नए प्रस्ताव केवल इन पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं। आदिवासी परिधान और वेलनेस उत्पादों के लिए भी उद्यमियों ने कारोबारी ढांचा तैयार करने की पहल की है। अगस्त में सहजन से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने वाले एक स्टार्टअप को विदेश से ऑर्डर मिलने की जानकारी भी दी गई है। तैयार हो रहे प्रस्तावों की समीक्षा इस वर्ष के अंत में की जानी है।

स्टार्टअप विशेषज्ञों का आकलन है कि राज्य के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की पर्याप्त संभावना मौजूद है। तकनीकी सहायता से जुड़े विशेषज्ञ मुकेश झा ने 2028 तक झारखंड में एक हजार से अधिक स्टार्टअप विकसित होने की क्षमता जताई है। यह एक अनुमान है और इसकी वास्तविक प्रगति उपलब्ध संसाधनों तथा निवेश पर निर्भर करेगी।

वृद्धि के संकेतों के बीच पूंजी जुटाना नए उद्यमियों की प्रमुख समस्या बना हुआ है। फरवरी 2026 में देवघर के तीन युवाओं ने स्थानीय परिवहन से संबंधित स्टार्टअप तैयार किया था, लेकिन उन्हें आवश्यक फंड नहीं मिल सका। विशेषज्ञों ने बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में कार्यरत उद्योगों तथा स्थानीय व्यवसायियों से स्टार्टअप ढांचे के विकास में सहयोग की जरूरत बताई है।

राज्य में नवाचार आधारित उद्यमिता को मजबूत करने के उद्देश्य से झारखंड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से रांची में एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें 75 से अधिक स्टार्टअप संस्थापकों ने भाग लिया और पांच चयनित उद्यमों को सम्मानित किया गया। पांच स्टार्टअप को निवेशकों से सीधे बातचीत का अवसर भी मिला।

कार्यक्रम में संस्थागत सहयोग, उद्योग जगत से संपर्क और मजबूत उद्यमी नेटवर्क की आवश्यकता पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को निवेश की तैयारी, प्रभावी कारोबारी प्रस्तुति बनाने और निवेशकों के साथ दीर्घकालिक संबंध विकसित करने पर विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला। झारखंड चैंबर ने भी युवाओं, खासकर महिला उद्यमियों, को स्थापना, कुशल श्रमिक, बाजार और फंड तक पहुंच में सहायता देने की बात कही है।