झारखंड में 1,680 करोड़ रुपये की 10 अधूरी जलापूर्ति योजनाओं पर रोक, नई निविदा निकालेगा विभाग

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने पांच प्रमंडलों में लंबित 10 बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का शेष काम नई निविदा से कराने का निर्णय लिया है। योजनाएं चाईबासा, चतरा, हजारीबाग, धनबाद और मधुपुर में चल रही थीं।

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झारखंड में बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा से संबंधित सांकेतिक दृश्य

झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने करीब 1,680 करोड़ रुपये की 10 बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं पर रोक लगा दी है। विभाग के अनुसार निर्धारित समय बीतने के बावजूद काम अधूरा रहने के कारण यह कदम उठाया गया। चाईबासा, चतरा, हजारीबाग, धनबाद और मधुपुर में चल रही इन योजनाओं का शेष कार्य अब नई निविदा के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है।

सभी 10 योजनाओं का काम चेन्नई की कंपनी श्रीराम ईपीसी को सौंपा गया था। इनमें पांच योजनाएं जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के कोष, चार राज्य मद और एक जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत थीं। विभाग ने एडवोकेट जनरल की सिफारिशों के आधार पर कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई और दोबारा निविदा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है।

विभागीय रिपोर्ट में चाईबासा की आइता और पुराना चाईबासा जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति अलग-अलग स्तर पर दर्ज की गई है। इन योजनाओं को वर्ष 2022 में पूरा किया जाना था। तांतनगर पूर्ण प्रखंड कवरेज योजना की समय-सीमा भी अगस्त 2022 में समाप्त हो गई थी, जबकि रिपोर्ट के अनुसार इसका लगभग 67 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।

गोविंदपुर-निरसा प्रखंड बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना की स्वीकृत लागत 616.93 करोड़ रुपये बताई गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक इसमें 116.28 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद काम की प्रगति 75 प्रतिशत तक पहुंची, लेकिन मार्च 2026 की समय-सीमा में निर्माण पूरा नहीं हुआ। योजना से 77,875 घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य था, पर रिपोर्ट में किसी भी लक्षित घर को जलापूर्ति शुरू नहीं होने की बात दर्ज है।

विभाग ने उन दूसरी कंपनियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की है जिनके कार्य लगातार विलंबित हैं। ऐसी कंपनियों को दिसंबर 2026 तक लंबित काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। तय अवधि में कार्य पूरा नहीं होने पर उन्हें काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है।

नेपाल हाउस में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने की। बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान, जल जीवन मिशन के निदेशक शशि रंजन, अभियंता प्रमुख और अन्य अधिकारी शामिल हुए। मंत्री ने अधिकारियों को पेयजल एवं स्वच्छता सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया।