जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र के चरखापहाड़ी गांव में बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि दुर्गापूजा पंडाल में आग लग गई। गांव में पहली बार दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा था। घटना के बाद आयोजन से जुड़े लोगों और ग्रामीणों में मायूसी तथा नाराजगी है।
आग लगने की सूचना मिलने पर ग्रामीण पंडाल के पास पहुंचे। इसके बाद पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग किसी दुर्घटना के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या घटना के कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
पूजा कमेटी से जुड़े जयंतो दत्ता और मनोज दत्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कमेटी चाहती है कि पुलिस सभी परिस्थितियों की पड़ताल कर आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट करे। घटना को लेकर ग्रामीण भी जांच के नतीजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
चरखापहाड़ी में पहली बार दुर्गापूजा आयोजित किए जाने के कारण स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह था। पंडाल में आग लगने से आयोजन की तैयारियां प्रभावित हुई हैं और ग्रामीणों की उम्मीदों को झटका लगा है। घटना के बाद गांव में निराशा का माहौल बताया गया है।
पुलिस अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखते हुए छानबीन कर रही है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि आग कैसे लगी। तब तक पूजा कमेटी की ओर से व्यक्त आशंकाओं को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।