झारसुगुड़ा यार्ड कार्य से धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस 12 दिसंबर को डेढ़ घंटे देर से चलेगी

रेलवे के विकास कार्यों के कारण धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस के समय में बदलाव किया गया है। हैदराबाद-रक्सौल और जसीडीह-वास्को द गामा की कुछ सेवाएं भी दिसंबर में रद्द रहेंगी।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
धनबाद रेलवे स्टेशन से प्रस्थान के लिए खड़ी यात्री ट्रेन का दृश्य

धनबाद से यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए समय-सारणी से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव घोषित किया गया है। झारसुगुड़ा यार्ड में रीमॉडलिंग कार्य के कारण 12 दिसंबर को ट्रेन संख्या 13351 धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस अपने तय समय से एक घंटा 30 मिनट देर से रवाना होगी। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने और आगे की यात्रा की योजना बनाते समय बदले हुए समय का ध्यान रखना होगा।

धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस का धनबाद से निर्धारित प्रस्थान समय सुबह 11:35 बजे है। बदलाव के बाद 12 दिसंबर को यह ट्रेन दोपहर 1:05 बजे खुलेगी। यह फेरबदल दक्षिण पूर्व रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे के अलग-अलग मंडलों में चल रहे विकास कार्यों के बीच किया गया है।

नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का असर कुछ अन्य रेल सेवाओं पर भी पड़ेगा। ट्रेन संख्या 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस 10 दिसंबर को रद्द रहेगी। इसकी वापसी सेवा, ट्रेन संख्या 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस, का परिचालन 13 दिसंबर को नहीं होगा।

जसीडीह से जुड़ी दो ट्रेनों को भी अलग-अलग तारीखों पर रद्द किया गया है। ट्रेन संख्या 17321 वास्को द गामा-जसीडीह एक्सप्रेस 11 दिसंबर को नहीं चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 17322 जसीडीह-वास्को द गामा एक्सप्रेस 14 दिसंबर को रद्द रहेगी। इन ट्रेनों से यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर, त्योहारी अवधि में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए भुवनेश्वर-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन संख्या 12819 में यह सुविधा 3 से 31 अक्टूबर तक उपलब्ध होगी। वापसी में ट्रेन संख्या 12820 में अतिरिक्त कोच 6 अक्टूबर से 3 नवंबर तक जोड़ा जाएगा।

समय परिवर्तन और रद्द सेवाओं का प्रभाव अलग-अलग तारीखों पर होने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की तिथि तथा ट्रेन संख्या सावधानी से मिलानी चाहिए। रेलवे ने यात्रियों से प्रस्थान से पहले संबंधित ट्रेन की नवीनतम समय-सारणी जांचने की अपील की है, ताकि स्टेशन पहुंचने के बाद असुविधा से बचा जा सके।