टाटानगर स्टेशन और रेलवे यार्ड में लगाए जाएंगे 66 नए सीसीटीवी कैमरे

आरपीएफ ने टाटानगर स्टेशन परिसर में 50 और रेलवे यार्ड में 16 नए कैमरे लगाने की योजना बनाई है। इससे ब्लाइंड स्पॉट और संवेदनशील हिस्सों की निगरानी बढ़ेगी।

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जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था

जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन और उससे जुड़े यार्ड की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 66 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। रेलवे सुरक्षा बल ने स्टेशन के उन स्थानों तक निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है, जहां अभी कैमरों की पहुंच सीमित है या उनके कोण के कारण ब्लाइंड स्पॉट बने हुए हैं।

नई योजना के तहत स्टेशन परिसर में 50 कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें प्लेटफॉर्म के अंतिम छोर, पोर्टिको, टिकट काउंटर परिसर, प्रतीक्षालय और फुट ओवरब्रिज जैसे यात्रियों की आवाजाही वाले स्थान शामिल होंगे। आरपीएफ ऐसे अन्य हिस्सों को भी चिह्नित कर रहा है, जहां मौजूदा निगरानी पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।

स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के साथ बर्मामाइंस गेट और आसपास के क्षेत्र में भी चौबीस घंटे निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। इस विस्तार का उद्देश्य स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और महत्वपूर्ण स्थानों पर होने वाली गतिविधियों का बेहतर रिकॉर्ड रखना है।

रेलवे यार्ड में अलग से 16 नए कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे वहां खड़ी ट्रेनों, रेल लाइनों और संवेदनशील हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। बर्मामाइंस गेट और यार्ड में पहले से कैमरे मौजूद हैं, लेकिन प्रस्तावित कैमरों के जुड़ने से निगरानी का दायरा और व्यापक हो जाएगा।

फिलहाल टाटानगर स्टेशन पर 137 से अधिक सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। मौजूदा नेटवर्क से आरपीएफ और राजकीय रेल पुलिस को प्लेटफॉर्म तथा टिकट केंद्र पर यात्रियों के मोबाइल फोन, नकदी और सामान की चोरी से जुड़े मामलों में संदिग्धों की पहचान करने में सहायता मिली है।

नए कैमरों की स्थापना के बाद स्टेशन परिसर और यार्ड के कम निगरानी वाले हिस्से भी सुरक्षा तंत्र के दायरे में आ सकेंगे। आरपीएफ की योजना कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ उनकी स्थिति और दृश्य-क्षेत्र को इस तरह तय करने की है कि प्रमुख प्रवेश मार्गों तथा यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर निगरानी बेहतर हो सके।