जमशेदपुर में टाटा स्टील ने रॉ मैटेरियल कंजम्पशन की दैनिक बुकिंग को पूरी तरह स्वचालित बनाने की दिशा में काम शुरू किया है। कंपनी ने 31 मार्च 2027 तक SAP में इस प्रक्रिया के शत-प्रतिशत ऑटोमेशन का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों और विभागों को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अभी कोक प्लांट, एग्लोमरेशन, ब्लास्ट फर्नेस और स्टील मेकिंग के कुछ क्षेत्रों में रॉ मैटेरियल की बुकिंग SAP पर पूरी तरह स्वचालित नहीं है। प्रस्तावित व्यवस्था का दायरा टाटा स्टील के जमशेदपुर, कलिंगानगर, मेरामंडली और गम्हरिया परिसरों तक रहेगा।
परियोजना को दो चरणों में आगे बढ़ाने की योजना है। पहले चरण में मौजूदा व्यवस्था और तकनीकी ढांचे का अध्ययन किया जाएगा। इसी अध्ययन के आधार पर ऑटोमेशन की विस्तृत कार्ययोजना बनेगी। दूसरे चरण में स्वीकृत योजना को लागू किया जाएगा, जिसमें सेंसर से SAP तक डेटा के एकीकरण की व्यवस्था भी शामिल होगी।
कंपनी ने योजना की निगरानी और मार्गदर्शन के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी गठित की है। इसके चेयरपर्सन वीपी ऑपरेशंस, कलिंगानगर उत्तम सिंह होंगे। समिति में लॉजिस्टिक्स, कोक प्लांट, प्रोसेस ऑटोमेशन, बिजनेस फाइनेंस, आयरन मेकिंग और स्टील परिचालन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।
क्रियान्वयन के लिए अलग टास्क फोर्स भी बनाई गई है। चीफ डेटा ऑफिसर विकास श्रीवास्तव को इसका नेतृत्व सौंपा गया है, जबकि हेड डेटा ऑफिस हरि दर्शन सिंह संयोजक होंगे। कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, स्टीयरिंग कमेटी हर महीने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेगी।
इस पहल का केंद्र रॉ मैटेरियल की दैनिक खपत दर्ज करने वाली प्रक्रिया को तय समयसीमा में स्वचालित करना है। पहले मौजूदा प्रणाली का आकलन और फिर स्वीकृत तकनीकी बदलाव लागू किए जाएंगे। कंपनी ने पूरी प्रक्रिया के लिए 31 मार्च 2027 की अंतिम समयसीमा रखी है।