टोकलो आईईडी विस्फोट मामले में आरोपी मंगल मुंडा की जमानत याचिका खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने पश्चिमी सिंहभूम के लांजी पहाड़ी क्षेत्र में 2021 में हुए आईईडी विस्फोट से जुड़े मामले के आरोपी मंगल मुंडा को जमानत देने से इनकार कर दिया।

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झारखंड हाईकोर्ट ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोट से जुड़े मामले के आरोपी मंगल मुंडा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को राहत नहीं दी।

यह मामला 4 मार्च 2021 को लांजी पहाड़ी क्षेत्र में हुई घटना से संबंधित है। वहां सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली थी।

सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या घटाकर 97 कर दी गई है। इनमें से 45 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। एजेंसी ने जांच के बाद 7 सितंबर 2021 को आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें मंगल मुंडा को आरोपी बनाया गया था।

दूसरी ओर, मंगल मुंडा की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में अभी काफी समय लग सकता है। बचाव पक्ष ने यह दलील भी दी कि आरोपी पांच वर्ष से अधिक समय से जेल में है और इसी आधार पर उसे जमानत दी जानी चाहिए। अदालत ने इन दलीलों के बावजूद याचिका स्वीकार नहीं की।

एनआईए के आरोपों के अनुसार, मंगल मुंडा कथित रूप से प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के सशस्त्र कैडरों के संपर्क में था। एजेंसी का आरोप है कि उसने उनके निर्देश पर लोहे की पाइप उपलब्ध कराई थीं, जिनका इस्तेमाल आईईडी बनाने में किया जाता था। ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

एनआईए ने आरोपपत्र में यह भी दावा किया है कि आरोपी को कथित तौर पर पता था कि उपलब्ध कराई जा रही सामग्री का उपयोग सुरक्षा बलों के विरुद्ध हिंसक गतिविधियों में किया जाना है। मामले में गवाहों की गवाही और अन्य न्यायिक कार्यवाही जारी है।