डेढ़ दशक बाद भी हनवारा थाने को स्थायी भवन का इंतजार, दो कमरों में चल रहा कामकाज

गोड्डा के महागामा प्रखंड स्थित हनवारा थाना सामुदायिक भवन के दो कमरों से संचालित हो रहा है। नरोत्तमपुर में शुरू हुआ भवन निर्माण स्थानीय आपत्ति के बाद रुका हुआ है।

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गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड में हनवारा थाना करीब डेढ़ दशक बाद भी स्थायी भवन की प्रतीक्षा कर रहा है। फिलहाल थाने का संचालन एक सामुदायिक भवन के केवल दो कमरों से किया जा रहा है। सीमित स्थान के कारण कार्यालयी कामकाज के साथ दूसरी आवश्यक पुलिस गतिविधियों को संभालना चुनौती बना हुआ है।

हनवारा को पहले पुलिस आउटपोस्ट का दर्जा मिला था और बाद में इसे थाना बनाया गया। इसके बावजूद भवन तथा दूसरी आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो सकी। उपलब्ध कमरों में ही पुलिसकर्मियों को दैनिक काम और कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारियां पूरी करनी पड़ रही हैं।

थाने में पुलिसकर्मियों के लिए सरकारी आवास की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा लॉकअप और छत जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की स्थिति भी ठीक नहीं बताई गई है। इन कमियों के कारण यहां पदस्थापित कर्मियों को कामकाज और रहने की व्यवस्था के स्तर पर परेशानी उठानी पड़ रही है।

जब्त किए गए वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए भी थाना परिसर में पर्याप्त जगह नहीं है। बड़ी गाड़ियों को बैरियर के पास खड़ा करना पड़ता है, जबकि छोटी गाड़ियों को सीमित परिसर में रखा जाता है। खुले में खड़े वाहनों के खराब होने और उनके पुर्जों की चोरी होने का खतरा बना रहता है।

स्थायी थाना भवन के निर्माण के लिए पिछले वर्ष विश्वासखानी पंचायत के नरोत्तमपुर गांव में पहल हुई थी। वहां निर्माण कार्य शुरू कराया गया, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की आपत्ति और विरोध सामने आने के बाद इसे रोक दिया गया। इसके बाद भवन का काम दोबारा शुरू नहीं हो सका।

निर्माण रुकने से हनवारा थाने के अपने परिसर में स्थानांतरित होने की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। मौजूदा व्यवस्था में दो कमरों से थाना चल रहा है और भवन, आवास तथा वाहन रखने की जगह जैसी जरूरतें लंबित हैं। स्थायी भवन का लंबे समय से पूरा न होना क्षेत्र की पुलिस आधारभूत संरचना से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दा बना हुआ है।