खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र में पुलिस ने डोड़मा स्थित एक घर से दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों बच्चियां सिमडेगा की रहने वाली हैं। उन्हें अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर झारखंड से बाहर ले जाने की तैयारी किए जाने का आरोप है।
पुलिस को बच्चियों को डोड़मा के एक घर में रखे जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद तोरपा थाना और महिला सह मानव तस्करी निरोधक इकाई की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापेमारी कर दोनों बच्चियों को वहां से मुक्त कराया।
पुलिस को दिए गए बच्चियों के बयान के आधार पर आरोप है कि डोड़मा निवासी एक बस चालक ने उन्हें हर महीने 20 हजार रुपये की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। नौ सितंबर को उन्हें राज्य से बाहर ले जाने की योजना थी, लेकिन निर्धारित वाहन नहीं मिलने के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद उन्हें आरोपी के घर पर रखा गया था।
मुख्यालय डीएसपी प्रभात कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि की है। उनके अनुसार, बच्चियों के बयान पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है और आरोपी बबलू लोहरा को हिरासत में लिया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है।
पुलिस अब इस प्रकरण से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। पुलिस पूर्व की संभावित गतिविधियों और दूसरे शहरों से जुड़े संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।
दोनों नाबालिगों की सुरक्षित बरामदगी इस कार्रवाई का तत्काल परिणाम है। आरोपी की भूमिका और कथित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।