दामोदर नदी का जलस्तर 458 आरएल पहुंचा, झरिया की जलापूर्ति पर बढ़ा खतरा

तीन दिनों की भारी बारिश के बाद जामाडोबा जल संयंत्र के पास दामोदर नदी का जलस्तर छह फीट बढ़ा। कचरा और सिल्ट इंटेक वेल में फंसने से झरिया की जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

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धनबाद के जामाडोबा जल संयंत्र के पास दामोदर नदी का जलस्तर लगातार बारिश के बाद बढ़ गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नदी का स्तर सामान्य 452 आरएल से बढ़कर 458 आरएल तक पहुंच गया। तीन दिनों में करीब छह फीट पानी बढ़ने से झरिया और आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

नदी में पानी बढ़ने के साथ तेज बहाव में कचरा और सिल्ट भी आ रहा है। इससे झमाडा के इंटेक वेल में लगे फुटबॉल के जाम होने की आशंका जताई गई है। यह व्यवस्था नदी से कच्चा पानी जल संयंत्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके अवरुद्ध होने पर पानी उठाने और उसके भंडारण का काम प्रभावित हो सकता है।

तेज धारा और अधिक गहराई के कारण इंटेक वेल में उतरकर सफाई करना ठेका मजदूरों के लिए जोखिमपूर्ण बताया गया है। रात में फुटबॉल जाम होने की स्थिति में आपात सफाई और कठिन हो सकती है। प्रबंधन मोटर पंपों को डूबने से बचाने के लिए निगरानी कर रहा है।

इस समस्या का असर संयंत्र के नौ एमजीडी और 12 एमजीडी जलभंडारण गृहों पर पड़ने की आशंका है। फुटबॉल में कचरा फंसने पर नदी से संयंत्र तक पानी का प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे कच्चे पानी की लिफ्टिंग और भंडारण प्रक्रिया दोनों प्रभावित होंगी।

झमाडा संयंत्र में बिजली आपूर्ति की परेशानी पहले से बनी हुई है। शुक्रवार को बिजली संकट के कारण झरिया और आसपास के शहरी इलाकों में जलापूर्ति बंद रही। झमाडा के एसडीओ कृपा शंकर के अनुसार, बिजली कटौती के साथ नदी में आए कचरे के कारण अब दोहरी समस्या उत्पन्न हो गई है।

फिलहाल जलस्तर, बहकर आ रहे कचरे और इंटेक वेल की स्थिति पर सतत निगरानी जरूरी हो गई है। संयंत्र में किसी तरह का अवरोध आने पर झरिया क्षेत्र के उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचाने की नियमित व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।