रांची से कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के समर्थकों का दिल्ली रवाना होना शुरू हो गया है। ये कार्यकर्ता एक नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में भाग लेने जा रहे हैं। रैली को लेकर झारखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के आवास से समर्थकों को लेकर 12 बसें दिल्ली के लिए रवाना हुईं। राज्य सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बसों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और झारखंड से बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होंगे।
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य से करीब 12 हजार कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने का दावा किया है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि यह आयोजन मताधिकार और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। पार्टी का कहना है कि महागठबंधन के सहयोगी दल भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
रैली में झारखंड के सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं की भागीदारी को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजद के अलावा अन्य सहयोगी दलों की ओर से औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन के शामिल होने के बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है।
भाजपा ने कांग्रेस और महागठबंधन के दावों पर पलटवार किया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संदीप वर्मा ने रैली को विफल रहने वाला कार्यक्रम बताया और दावा किया कि इसे अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलेगा। इस तरह रैली शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच इसके उद्देश्य और संभावित भागीदारी को लेकर दावे-प्रतिदावे सामने आ गए हैं।
दिल्ली जाने वाले समर्थकों के लिए बसों और ट्रेनों का सहारा लिया जा रहा है। रांची से बसों की रवानगी के साथ झारखंड की भागीदारी की व्यावहारिक तैयारी दिखाई देने लगी है, लेकिन कार्यक्रम में वास्तव में कितने लोग पहुंचेंगे और गठबंधन के कौन-कौन से वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे, इसकी पुष्टि रैली के दिन ही हो सकेगी।