दीपावली और छठ की तैयारियों पर रांची प्रशासन की बैठक, घाटों पर एनडीआरएफ तैनाती के निर्देश

रांची जिला प्रशासन ने दीपावली, काली पूजा और छठ को लेकर सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता की तैयारियों की समीक्षा की। घाटों पर बैरिकेडिंग, रोशनी, एनडीआरएफ और गोताखोरों की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
रांची में दीपावली, काली पूजा और छठ की तैयारियों की समीक्षा करते जिला प्रशासन के अधिकारी

रांची में दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक में विधि-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, विसर्जन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की गई।

बैठक में छठ के दौरान तालाबों और घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों से संबंधित घाटों का पहले ही निरीक्षण करने तथा वहां सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित पहुंच मार्ग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। घाटों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत और सफाई पर भी जोर दिया गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरत के अनुसार क्रेन उपलब्ध रखने के साथ घाटों पर एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती का निर्देश दिया गया है। तालाबों और घाटों में बांस की बैरिकेडिंग कर सुरक्षित गहराई चिह्नित करने को कहा गया, ताकि छठव्रती निर्धारित सुरक्षित स्थान पर खड़े होकर अर्घ्य दे सकें। प्रशासन ने घाटों पर तैराकी पूरी तरह प्रतिबंधित रखने का निर्देश भी दिया है।

दीपावली और काली पूजा को लेकर अधिकारियों को यातायात सुचारु बनाए रखने तथा प्रतिबंधित एवं असुरक्षित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी रखने को कहा गया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने और रात 10 बजे के बाद शोर पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा और अग्निशमन के इंतजामों की जांच करने पर भी जोर दिया गया। विसर्जन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य बताया गया है। प्रशासन ने कहा कि आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नगर और ग्रामीण पुलिस, यातायात पुलिस, सदर अनुमंडल प्रशासन, नगर निगम, बिजली विभाग तथा अग्निशमन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अलग-अलग विभागों को सौंपे गए निर्देशों का उद्देश्य पर्वों के दौरान घाटों, पूजा स्थलों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षित तथा व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना है।