जमशेदपुर में झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन 12 फिल्मों की स्क्रीनिंग

बिष्टुपुर में आयोजित सातवें झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन क्षेत्रीय संस्कृति, सामाजिक मुद्दों और पर्यावरण पर केंद्रित 12 फिल्में दिखाई गईं। युवा फिल्मकारों के लिए मास्टर क्लास भी हुई।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
जमशेदपुर में झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्म स्क्रीनिंग और मास्टर क्लास

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सेंटर फॉर एक्सिलेंस में सातवें झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल-2026 के दूसरे दिन 12 चुनिंदा फिल्मों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग की गई। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय संस्कृति, सामाजिक विषयों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी प्रस्तुतियां दर्शकों के सामने आईं।

फिल्मों का प्रदर्शन बहरागोड़ा के फिल्मकार सुमांता बाला की फिल्म ‘मोरी गोली तो पाई मुं’ से शुरू हुआ। इसके बाद ‘गरीब अमीर’, ‘किसांण बोंगा’, ‘ओ छोरा’, ‘ऑवर ड्यूटी फॉर नेचर’, ‘सहारा’, ‘वंदे मातरम’, ‘प्रेरणा’, ‘बूंद’, ‘मैं हूं करहूं बिहाव’, ‘फूल औ डारी’ और ‘टूटी उड़ान’ की स्क्रीनिंग हुई।

दोपहर 2:30 बजे से रात 8:30 बजे तक चले आयोजन में दर्शकों की उपस्थिति रही। प्रत्येक फिल्म के प्रदर्शन के बाद दर्शकों और युवा फिल्मकारों ने उसके विषय तथा प्रस्तुति पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। कार्यक्रम के जरिए अलग-अलग सामाजिक पहलुओं, स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को सिनेमा के माध्यम से समझने का अवसर मिला।

स्क्रीनिंग से पहले युवा फिल्मकारों और जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए मास्टर क्लास आयोजित की गई। इसमें संताली सिनेमा के निर्माता, निर्देशक और लेखक मानसिंह माझी ने फिल्म निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया, निर्देशन तथा व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी दी।

मास्टर क्लास में फिल्म निर्माण से पहले की तैयारी पर विशेष जोर दिया गया। मानसिंह माझी ने प्रतिभागियों को पटकथा, पात्रों के चयन, तकनीकी उपकरणों और बजट की अग्रिम योजना की अहमियत समझाई। उनके अनुसार, सटीक प्री-प्रोडक्शन से निर्माण के दौरान समय और धन का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है।

फेस्टिवल के संस्थापक-सह-निदेशक राजू मित्रा और संजय सतपथी के मुताबिक, आयोजन का उद्देश्य झारखंड के दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देना है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में राज्य और देश की अन्य चर्चित फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी, जिससे कला प्रेमियों और उभरते फिल्मकारों को सिनेमा की विभिन्न शैलियों से परिचित होने का मौका मिलेगा।