शिक्षक नियुक्ति के दो मामलों में हाई कोर्ट के निर्देश, 43 पद सुरक्षित रखने और पोर्टल जांच का आदेश

झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति में 43 पद सुरक्षित रखने को कहा है। एक अन्य मामले में माध्यमिक आचार्य अभ्यर्थियों की रिस्पांस शीट और आंसर-की से जुड़ी शिकायत की तकनीकी जांच होगी।

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झारखंड हाई कोर्ट में शिक्षक नियुक्ति से जुड़े मामलों पर सुनवाई का सांकेतिक दृश्य

रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। सहायक आचार्य नियुक्ति विवाद में अदालत ने याचिकाकर्ताओं के हित में 43 पद सुरक्षित रखने को कहा है। वहीं, माध्यमिक आचार्य परीक्षा के पोर्टल पर रिस्पांस शीट और आंसर-की उपलब्ध नहीं होने की शिकायत पर जेएसएससी के कंप्यूटर एवं आईटी विशेषज्ञों को तलब किया गया है।

सहायक आचार्य मामले में आदित्य कुमार और अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने अपनी संबंधित श्रेणियों में अंतिम चयनित अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किए हैं, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में उनके दावों पर उचित विचार नहीं किया गया। यह भी कहा गया कि पारा और नन-पारा, दोनों श्रेणियों में पद खाली हैं।

अदालत ने इन दलीलों के बाद 43 पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। पिछली सुनवाई में जेएसएससी को जवाब दाखिल करने के लिए समय मिला था, लेकिन निर्धारित अवधि में आयोग का जवाब दाखिल नहीं हो सका। इस मामले को 30 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

दूसरा मामला माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में शामिल विकास पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों की याचिका से संबंधित है। उनका कहना है कि आधिकारिक पोर्टल पर ई-मेल आईडी और पासवर्ड डालने के बाद भी लॉगिन नहीं हुआ तथा उपयोगकर्ता मौजूद नहीं होने का संदेश दिखाई दिया। इसके कारण वे अपनी रिस्पांस शीट और आंसर-की डाउनलोड नहीं कर सके।

जेएसएससी ने अपने शपथपत्र में संभावना जताई है कि ई-मेल आईडी या पासवर्ड सही तरीके से दर्ज नहीं किए जाने के कारण ऐसा संदेश आया होगा। याचिकाकर्ताओं ने तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति में समस्या की वास्तविक स्थिति जांचने का आग्रह किया था।

जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेएसएससी के कंप्यूटर और आईटी विशेषज्ञों को 13 अक्टूबर को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं को भी अपनी ई-मेल आईडी और पासवर्ड के साथ आने को कहा गया है। विशेषज्ञों की मौजूदगी में पोर्टल पर लॉगिन कर देखा जाएगा कि संबंधित अभ्यर्थियों की रिस्पांस शीट और आंसर-की उपलब्ध हैं या नहीं तथा उन्हें डाउनलोड किया जा सकता है या नहीं।