हजारीबाग जिले में सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक पोर्टल से जुड़े कामों में लापरवाही बरतने वाले निजी विद्यालयों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने शुक्रवार को कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। आवश्यक होने पर उनके प्रबंधकों के विरुद्ध उच्च स्तर पर कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा।
निजी विद्यालयों के प्राचार्यों, संचालकों और प्रबंधकों की आवश्यक समीक्षा बैठक 18 सितंबर को जिला स्कूल, हजारीबाग में आयोजित की गई। यह बैठक प्रखंड संसाधन केंद्र, सिलवार, सदर के 15 सितंबर के पत्र के आधार पर बुलाई गई थी। कई विद्यालयों के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और ऐसे संस्थानों की सूची तैयार करने का संकेत दिया।
बैठक में यू-डायस स्टूडेंट प्रोफाइल के अंतर्गत स्कूलों तथा विद्यार्थियों की जानकारी पूर्ण करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों की स्थायी अकादमिक पहचान से जुड़ी अपार आईडी सक्रिय करने और आधार सीडिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार, निर्धारित समय में जानकारी दर्ज नहीं होने से जिला स्तर की रिपोर्ट तैयार करने में परेशानी आती है।
अधिकारियों ने स्वच्छ विद्यालय से जुड़े मानकों, इको क्लब के गठन और ‘प्रशस्त’ ऐप के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत चिह्नांकन की स्थिति भी देखी। निजी विद्यालयों को इन कार्यों सहित सभी लंबित रिपोर्ट और आंकड़े तय समय सीमा के भीतर पूरी तरह अपडेट करने का निर्देश दिया गया।
बैठक का संचालन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी-सह-समन्वयक राकेश सिंह, एडीपीओ कौशल किशोर और बीपीओ रश्मि सिंह ने किया। इसमें बीपीओ, सीआरपी, बीआरपी, आरटी और एमआईएस से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे। विभाग ने कहा कि प्राथमिकता निजी विद्यालयों में भी सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य तथा केंद्र को समय पर सही एवं पूर्ण रिपोर्ट भेजना है।