दुमका के राघव माधव मंदिर के प्रशाल भवन में सोमवार को ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील कुमार झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं के भुगतान, कमीशन और राशन वितरण के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों पर चर्चा की गई।
बैठक में विक्रेताओं ने मौजूदा कमीशन को महंगाई के अनुपात में अपर्याप्त बताते हुए इसे 1.50 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर कम से कम तीन रुपये प्रति किलो करने की मांग की। इसके साथ ही दुकान का किराया, बिजली बिल और सहायक के खर्च को देखते हुए प्रत्येक डीलर को हर महीने 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव रखा गया।
फेडरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ा पुराना कमीशन अब भी लंबित है। संगठन ने यह भी कहा कि कोरोना काल के आंशिक कमीशन के अलावा चना दाल, नमक और अन्य वस्तुओं के वितरण से संबंधित भुगतान नहीं मिलने के कारण विक्रेताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
बैठक में डीलर परिवारों को अबुआ चिकित्सा योजना से जोड़ने की पूर्व घोषणा का मुद्दा भी उठाया गया। फेडरेशन ने प्रति लाभुक सात किलो अनाज, प्रत्येक परिवार को एक किलो सरसों तेल और सोयाबड़ी योजना लागू करने की मांग दोहराई। संगठन का कहना है कि इन घोषणाओं पर अब तक अमल नहीं हुआ है।
विक्रेताओं ने राशन वितरण के समय नेट और सर्वर की समस्या को बड़ी व्यावहारिक बाधा बताया। बैठक में केंद्र के पेपरलेस व्यवस्था संबंधी आदेश को राज्य में लागू करने तथा तकनीकी व्यवधान का स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई, ताकि लाभुकों को अनाज देने की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
फेडरेशन ने तय किया कि बकाया भुगतान और अन्य मांगों को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में बजरंग अग्रवाल, तोशीयस मुर्मू, मो. सन्नी, जीवन मंडल, राजेंद्र प्रसाद साह, जानकी पांडेय, कार्तिक पाल, मो. सलाम अंसारी, जय प्रकाश साह और मेरी मुर्मू समेत कई डीलर उपस्थित रहे।