दुमका मेडिकल कॉलेज में 1,000 बेड और 200 एमबीबीएस सीटों की योजना, पीजी विस्तार पर भी चर्चा

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में दुमका मेडिकल कॉलेज के विस्तार, सदर अस्पताल के समावेश और पीजी की 150 सीटों की व्यवस्था पर विचार किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 375 करोड़ रुपये है।

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दुमका मेडिकल कॉलेज के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा की सीटें बढ़ाने की योजना

झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और अस्पताल सेवाओं के विस्तार के तहत दुमका के पीजे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को विकसित करने की योजना पर स्वास्थ्य विभाग ने चर्चा की है। प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा 500 बिस्तरों और सदर अस्पताल को सम्मिलित कर संस्थान में कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था की जानी है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए नई क्षमता तैयार करने का भी प्रस्ताव है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर को हुई बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित कुमार शुक्ला और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। चर्चा का मुख्य विषय चिकित्सा संस्थानों की आधारभूत संरचना और शैक्षणिक क्षमता बढ़ाना रहा।

दुमका मेडिकल कॉलेज को करीब 100 एकड़ भूमि पर विकसित करने की योजना है। यहां अभी एमबीबीएस की 100 सीटें उपलब्ध हैं, जिन्हें बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही पीजी पाठ्यक्रमों के लिए 150 सीटों की व्यवस्था की तैयारी है। इस विकास परियोजना पर लगभग 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है।

बैठक में पीजी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और अतिथिगृह बनाने का विषय भी उठा। अपर मुख्य सचिव ने इन सुविधाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर विकसित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के आवास और संस्थान में आने वाले अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था बेहतर करना है।

इसी बैठक में पलामू के एमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विस्तार पर भी विचार किया गया। करीब 75 एकड़ भूमि पर विकसित किए जाने वाले इस संस्थान में सदर अस्पताल को मिलाकर 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था और पीजी के लिए 150 सीटें तैयार करने की योजना रखी गई। विभाग के अनुसार, दुमका और पलामू दोनों संस्थानों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है।

अधिकारियों ने हजारीबाग, देवघर, रांची, लोहरदगा और चाईबासा के मेडिकल कॉलेजों की सुविधाओं की भी समीक्षा की। सभी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों और उनके परिजनों के परिसर के भीतर आवागमन के लिए विद्युत बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रस्तावित विस्तार और सुविधाओं पर आगे की कार्रवाई संबंधित योजनाओं तथा विभागीय प्रक्रिया के अनुसार होगी।