साहिबगंज महाविद्यालय में शनिवार, 24 अक्टूबर को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एनसीसी कैडेट्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ‘जोश’ यानी जॉइनिंग आवर स्ट्रेंथ्स फॉर हेल्थ टीम गठित की गई। कैडेट्स को अपने आसपास के समुदायों तक टीबी से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में साहिबगंज के सिविल सर्जन डॉ. राम देव पासवान और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने टीबी उन्मूलन को स्वास्थ्य विभाग के साथ पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स अपने अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से लोगों को जागरूक करने में भूमिका निभा सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कैडेट्स को टीबी के लक्षणों, संक्रमण फैलने के तरीकों और इससे बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्हें निःशुल्क जांच एवं उपचार की उपलब्धता के साथ निक्षय पोषण योजना के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में समय पर जांच कराने और उपचार से जुड़ने के महत्व पर जोर दिया गया।
जागरूकता सत्र में टीबी मरीजों के प्रति भेदभाव समाप्त करने का संदेश भी दिया गया। कैडेट्स से कहा गया कि वे मरीजों को सामाजिक सहयोग देने के लिए लोगों को प्रेरित करें। इसके साथ ही बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और संभावित मरीजों को जांच केंद्र तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई गई।
‘जोश’ टीम के माध्यम से एनसीसी कैडेट्स अपने क्षेत्रों और आसपास के समुदायों में जागरूकता गतिविधियां चला सकेंगे। टीम का उद्देश्य टीबी से संबंधित जानकारी को गांव और समाज तक पहुंचाना तथा जांच की आवश्यकता वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।
प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने युवाओं को सामाजिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कैडेट्स से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में एनसीसी से डॉ. वसीम रजा, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे। आयोजन में सामूहिक प्रयास और जन-जागरूकता को टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।